Infosys Jobs: दिग्गज भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने अगले वित्त वर्ष 2027 में 20,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को भर्ती करने की योजना बनाई है। कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने स्विट्जरलैंड के दावोस में मनीकंट्रोल के साथ एक बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने सर्विस पोर्टफोलियो को उन सेक्टर्स की ओर मोड़ रही है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नए ग्रोथ अवसर बनते दिख रहे हैं।
सलिल पारेख दावोस शहर में चल रहे 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF)' के सालाना सम्मेलन में हिस्सा लेने गए हैं। यह सम्मेलन 19 से 23 जनवरी के बीच चलेगा और इसमें 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 नेताओ और कॉरपोरेट जगत की हस्तियों ने शिरकत की है। इनमें करीब 400 अपने देशों के शीर्ष राजनीतिक नेता और 850 CEO शामिल हैं।
सलिल पारेख ने मनीकंट्रोल को बताया, “1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच इंफोसिस 20,000 और कॉलेज ग्रेजुएट्स को हायर करेगी। यह पहले से हमारी योजना में शामिल है।”
उन्होंने बताया कि FY26 के पहले तीन तिमाहियों में Infosys ने पहले ही 18,000 फ्रेश ग्रेजुएट्स को भर्ती की है। वहीं, तीसरी तिमाही (Q3FY26) के दौरान कंपनी का नेट हेडकाउंट 5,000 से अधिक बढ़ा। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक वह कुल 20,000 ग्रेजुएट्स की हायरिंग पूरी कर लेगी।
इंफोसिस के CEO ने कहा कि भले ही पारंपरिक आईटी सेवाओं के कुछ हिस्सों में दबाव दिख रहा हो, लेकिन AI के चलते नए सेक्टर्स में काम और मांग तेजी से बढ़ रही है। पारेख ने कहा, “हम कुछ जगहों पर दबाव देखते हैं और कुछ जगहों पर ग्रोथ। कुल मिलाकर हमें दबाव की तुलना में ग्रोथ अधिक दिख रही है।”
उन्होंने बताया कि AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कस्टमर सर्विस और लेगेसी एप्लिकेशन के मॉडर्नाइजेशन जैसे सेक्टर्स में नए सर्विस डिमांड पैदा कर रहा है। AI एजेंट्स और विभिन्न फाउंडेशन मॉडल्स के बढ़ते इस्तेमाल से यह मांग और मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा, “सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में जहां अलग-अलग फाउंडेशन मॉडल्स पर AI एजेंट्स विकसित हो रहे हैं, वहीं कस्टमर सर्विस और पुराने लेगेसी सिस्टम्स को एजेंट्स के जरिए मॉडर्न बनाने का काम भी तेजी से बढ़ रहा है।”
PoC से प्रोडक्शन की ओर बढ़ता AI
पारेख ने इस बात पर भी जोर दिया कि कई क्लाइंट्स के यहां AI अब केवल पायलट या प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा, “फाइनेंशियल सर्विसेज में हमारे 25 सबसे बड़े क्लाइंट्स में से 15 में हम AI के लिए पार्टनर ऑफ चॉइस हैं। ये सिर्फ PoC नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले प्रोजेक्ट्स हैं।”
AI के कारण प्राइसिंग पर पड़ने वाले संभावित असर पर के सवाल पर पारेख ने कहा कि AI-आधारित डिलीवरी के लिए प्राइसिंग मॉडल अभी शुरुआती चरण में हैं। उन्होंने कहा, “अभी यह एक शुरुआती दौर है। हम कुछ कामों में एजेंट-बेस्ड प्राइसिंग या ह्यूमन और AI एजेंट्स की जॉइंट टीम्स के आधार पर प्राइसिंग कर रहे हैं, लेकिन इसका स्केल अभी छोटा है।” उनके मुताबिक, आने वाले कुछ तिमाहियों और सालों में ज्यादा स्टैंडर्ड प्राइसिंग मॉडल उभर सकते हैं।
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