Dubai Realty Market: 28 फरवरी को ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद से ही मिडिल ईस्ट में भारी तनाव चल रहा है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण हमले किए, जिसके जवाब में तेहरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को जमकर निशाना बनाया। इन्हीं सब के बीच दुबई रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती छा गई थी। हालांकि, अब सीजफायर के ऐलान के बाद फिर से बाजार रफ्तार पकड़ने को तैयार है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों से जो सौदे रुके हुए थे वे अब तेजी से पूरे होंगे, जिससे बाजार में 'पेंट-अप डिमांड' यानी दबी हुई मांग का जबरदस्त फायदा दिखेगा।
तनाव के चरम पर 'फ्रीज' हो गया था बाजार
मार्च में बड़े स्तर पर हमलों के बाद निवेशकों के बीच अनिश्चितता फैल गई थी, जिसका सीधा असर बिक्री के आंकड़ों पर पड़ा। दुबई के रियल एस्टेट रणनीतिकार और प्रोएक्ट लग्जरी रियल एस्टेट के CEO ऋतु कांत ओझा के अनुसार, मार्च में रिहायशी प्रॉपर्टियों की बिक्री में 30% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, उनका कहना है कि यह मंदी 'स्ट्रक्चरल' नहीं बल्कि केवल 'सेंटिमेंट' आधारित थी। ग्राहकों ने डील रद्द नहीं की थी, बल्कि 'वेट एंड वॉच' मोड में चले गए थे।
दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट में भारतीय निवेशकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, दुबई में होने वाले विदेशी आवासीय लेनदेन में भारतीयों की हिस्सेदारी 20% से ज्यादा है। तनाव कम होते ही भारतीय और अन्य विदेशी निवेशकों ने फिर से पूछताछ शुरू कर दी है। ब्रोकरों का कहना है कि जो ग्राहक पिछले महीने शांत थे, वे अब डील फाइनल करने के लिए आगे आ रहे हैं।
अप्रैल में दिखेगा 'बाउंस बैक'
रियल्टी मार्केट के विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अप्रैल का महीना दुबई रियल एस्टेट के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा। ऋतु कांत ओझा का कहना है कि सीजफायर केवल राहत की खबर नहीं है, बल्कि उस भारी 'बैकलॉग' के लिए हरी झंडी है जो पिछले कुछ हफ्तों में बन गया था। दुनिभार में दुबई को एक 'सेफ वॉल्ट' यानी सुरक्षित ठिकाने की तरह माना जाता है। यही वजह है कि पैनिक जोन से बाहर निकलते ही निवेशकों का भरोसा फिर से जाग उठा है।
निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह
भले ही बाजार में सुधार दिख रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका मानना है कि अनिश्चितताओं को देखते हुए लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स के बजाय 'रेडी-टू-मूव' या लगभग पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना चाहिए। वहीं इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट एरिया की बात करें तो दुबई मरीना, डाउनटाउन दुबई और जुमेराह विलेज सर्कल (JVC) जैसे इलाकों को निवेश के लिए सुरक्षित माना जा रहा है, क्योंकि यहां रेंटल यील्ड यानी किराया स्थिर रहता है।