प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस सप्ताह की शुरुआत में डालमिया सीमेंट (Dalmia Cement) की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी से जुड़े 14 साल पुराने एक कथित 'लेन-देन के मामले मामले में की गई है। जांच एजेंसी ने जगन मोहन रेड्डी के 27.5 करोड़ रुपये के शेयर और डालमिया सीमेंट की 377 करोड़ रुपये की जमीन जब्त की है। हालांकि, डालमिया सीमेंट ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि अटैच की गई संपत्तियों का मौजूदा बाजार भाव 793.3 करोड़ रुपये है।
डालमिया सीमेंट ने अपने बयान में कहा, "ईडी ने यह प्रोविजनल अटैचमेंट की यह कार्रवाई साल 2011 के पुराने मामले में की है, जिसे सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) ने दर्ज किया था। CBI ने इस मामले में डालमिया सीमेंट पर भारती सीमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में निवेश को लेकर कुछ आरोप लगाए थे। यह मामला फिलहाल हैदराबाद की CBI कोर्ट में विचाराधीन है।"
यह पूरा मामला आंध्र प्रदेश के कड़प्पा जिले में 417 हेक्टेयर चूना पत्थर की खदानों से जुड़ा हुआ है, जिसे जगन मोहन रेड्डी के पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वाईएस राजशेखर रेड्डी के शासनकाल के दौरान डालमिया सीमेंट को लीज पर दिया गया था।
CBI ने 2013 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने दावा किया था कि डालमिया सीमेंट ने जगन रेड्डी के कंट्रोल वाली कंपनियों में कुल 95 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिनमें से ₹55 करोड़ से अधिक की रकम हवाला चैनलों के जरिए रघुराम सीमेंट्स में डाली गई थी। बाद में इसी कंपनी का नाम बदलकर भारती सीमेंट रखा गया।
डालमिया सीमेंट ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई से उसके रोजाना के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि वह ईडी के आदेश की कानूनी समीक्षा कर रही है और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कानूनी विकल्पों का सहारा लेगी।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।