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जन-धन खातों के करीब 8 साल पूरे, अभी भी लागत निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं बैंक

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) को लॉन्च हुए करीब 8 साल हो चुके हैं। हालांकि बैंक आज भी इन योजना के तहत खुले खातों को आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 01, 2022 पर 6:14 PM
जन-धन खातों के करीब 8 साल पूरे, अभी भी लागत निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं बैंक
जन-धन खातों को चालू रखने की सालाना लागत करीब 3,200-3,500 रुपये के बीच है

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) को लॉन्च हुए करीब 8 साल हो चुके हैं। हालांकि बैंक आज भी इन योजना के तहत खुले खातों की लागत निकालने और इन्हें आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बैंकर्स और एक्सपर्ट्स का कहना है कि कारोबार के नजरिए से जन-धन खातों को चालू रखने की लागत, उनसे मिलने वाले फायदों से अधिक है।

एक सरकारी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "बैंकों पर एक जन-धन खाते को चालू रखने की सालाना लागत करीब 3,200 से 3,500 रुपये के बीच में बैठती है। आज रखरखाव का अधिकतर काम भले ही टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाता, लेकिन सभी नए खाते पर लगने वाले समय और मानवीय हस्तक्षेप एक मुद्दा है।"

उन्होंने कहा, "बैंकों के लिए इन खातों की लागत तभी घट सकती है, जब इन खातों में जमा होने वाली औसत राशि आने वाले महीनों में बढ़े। फिलहाल जन-धन खातों में औसत जमा राशि करीब 3,000 रुपये है। इसके बढ़कर 5 से 6 हजार रुपये तक जाने का अनुमान है, लेकिन यह एक बहुत ही धीमी और लंबी प्रक्रिया है।"

Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana (PMJDY) के तहत खुले बैंक खातों जमा औसत राशि के आंकड़े आप इस ग्राफ में देख सकते हैं-

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