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आखिरी बार बेटियों का इंतजार करते रहे कारोबारी पिता, लेकिन अर्थी को मिला सिर्फ Video Call का सहारा, ₹5100 ट्रांसफर कर तोड़ा खून का रिश्ता

Sonipat Viral News: सोनीपत के एक ओल्ड एज होम में रहने वाले 74 साल के कपड़ा व्यापारी शिवचरण गुप्ता का 5 अगस्त को निधन हो गया। उनकी तीन बेटियां थीं। गुप्ता ने जिंदगीभर अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाने-लिखाने और उन्हें बेहतर भविष्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन दुख और हैरानी की बात है कि उनमें से कोई भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 06, 2026 पर 10:32 AM
आखिरी बार बेटियों का इंतजार करते रहे कारोबारी पिता, लेकिन अर्थी को मिला सिर्फ Video Call का सहारा, ₹5100 ट्रांसफर कर तोड़ा खून का रिश्ता
Sonipat Viral News: हरियाणा के सोनीपत में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है

Sonipat Viral News: हरियाणा के सोनीपत से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कभी दिग्गज कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रतन गुप्ता ने जिंदगीभर अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाने-लिखाने और उन्हें बेहतर भविष्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन जब उनके जीवन का अंतिम समय आया तो वे अपनी बेटियों का इंतजार करते रह गए। दुखद बात यह रही कि न तो कोई बेटी उनसे मिलने पहुंची और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुई। उनके अंतिम संस्कार को बेटियों ने सिर्फ वीडियो कॉल पर देखा।

पत्नी के निधन के बाद वृद्धाश्रम में रहने लगे थे

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले शिवचरण रतन गुप्ता एक सफल कपड़ा व्यापारी थे। करीब डेढ़ साल पहले वे अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ हरियाणा के सोनीपत स्थित एक केयर होम (वृद्धाश्रम) में रहने आए थे। कुछ समय बाद उनकी पत्नी का निधन हो गया, जिसके बाद शिवचरण वहीं अकेले रहने लगे।

उनका कोई बेटा नहीं था। उन्होंने अपनी पूरी कमाई तीनों बेटियों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य बनाने में लगा दी। उनकी दो बेटियां सरकारी स्कूलों में टीचर हैं। बड़ी बेटी अनीता नेपाल में टीचर है। जबकि दूसरी बेटी निशा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहती है। वहीं, सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में रहती है।

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