Get App

दिल्ली के पॉल्यूशन से लड़ने की नई पहल! मिरांडा हाउस में बना कार्बन गार्डन, जानिए कैसे काम करेगा यह ग्रीन मॉडल

दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज ने अपने कैंपस में एक ‘कार्बन गार्डन’ बनाया है। कॉलेज का कहना है कि कार्बन सोखने की क्षमता बढ़ाने और जैव-विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ, यह गार्डन छात्रों को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की व्यावहारिक समझ हासिल करने में भी मदद करेगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 07, 2026 पर 1:39 PM
दिल्ली के पॉल्यूशन से लड़ने की नई पहल! मिरांडा हाउस में बना कार्बन गार्डन, जानिए कैसे काम करेगा यह ग्रीन मॉडल
मिरांडा हाउस के कार्बन गार्डन में लगभग 50 अलग-अलग तरह के पौधे लगाए गए हैं।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और तापमान के बीच, हरियाली बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी दिशा में, दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज ने अपने कैंपस में एक ‘कार्बन गार्डन’ बनाया है। कॉलेज का कहना है कि कार्बन सोखने की क्षमता बढ़ाने और जैव-विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ, यह गार्डन छात्रों को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की व्यावहारिक समझ हासिल करने में भी मदद करेगा।

50 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए

मिरांडा हाउस के इस कार्बन गार्डन में लगभग 50 अलग-अलग तरह के पौधे लगाए गए हैं। इनमें अलग-अलग तरह के जीवन वाले पौधे शामिल हैं, जैसे कि हाइड्रोफाइट्स (पानी में उगने वाले), जेरोफाइट्स (सूखी जगह पर उगने वाले) और मेसोफाइट्स (सामान्य नमी वाली जगह पर उगने वाले)। अमरूद और सहजन जैसी देसी प्रजातियों को भी इस गार्डन में शामिल किया गया है। कॉलेज के अनुसार, इतने तरह के पौधे लगाने का मकसद सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं है, बल्कि एक छोटा इकोसिस्टम बनाना है जहां छात्र पौधों, बायोडायवर्सिटी और पर्यावरण के आपसी संबंधों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

छात्रों के लिए बनेगा लिविंग लैब

मिरांडा हाउस का यह कार्बन गार्डन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक जीवंत प्रयोगशाला (living laboratory) के तौर पर काम करेगा। यहां छात्र कार्बन सोखने की प्रक्रिया (carbon sequestration), पौधों की विविधता, इकोसिस्टम और पर्यावरण के अनुकूल तौर-तरीकों जैसे विषयों की व्यावहारिक समझ हासिल कर सकेंगे।

कॉलेज का कहना है कि इस पहल से छात्रों को क्लासरूम से बाहर, प्रकृति के बीच सीखने और रिसर्च करने का मौका मिलेगा। साथ ही, इससे पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

प्रो. दीनबंधु साहू ने किया उद्घाटन

सब समाचार

+ और भी पढ़ें