Get App

Explainer: Reliance ग्रीन हाइड्रोजन पर लगा रही बड़ा दांव, जानिए इसकी क्या वजह है?

हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का मतलब ऐसी टेक्नोलॉजी से है, जिसका इस्तेमाल ऐसी हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए होता है, जिससे वातावरण को कोई खतरा नहीं होता है। इस हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन कहा जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 14, 2022 पर 1:13 PM
Explainer: Reliance ग्रीन हाइड्रोजन पर लगा रही बड़ा दांव, जानिए इसकी क्या वजह है?
रिलायंस क्लीन एनर्जी पर फोकस कर रही है। कंपनी ने दो गीगा फैक्ट्रीज लगाने का प्लान बनाया है, जिनमें ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होगा। दो गीगा फैक्ट्रीज सोलर एनर्जी और स्टोरेज के लिए बनाई जाएंगी।

Reliance Industries (RIL) अपने नए बिजनेस में 75,000 करोड़ रुपये इनवेस्ट कर रही है। इस बिजनेस का फोकस क्लीन एनर्जी (Clean Energy) पर है। इसके तहत सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन आते हैं। कंपनी चार गीगा फैक्ट्रीज बनाएगी। इनमें सोलर, स्टोरेज बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और एक फ्यूल सेल फैक्ट्री शामिल होंगी, जो हाइड्रोजन को मोबाइल और स्टेशनरी पावर में कनवर्ट कर सकेंगी।

सोलर एनर्जी के बारे में चर्चा पहले से होती रही है। लेकिन ग्रीन हाइड्रोजन हाल में फोकस में आया है। क्लाइमेट क्राइसिस के खिलाफ लड़ाई में इसकी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। सरकार भी हाइड्रोजन एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। Reliance Industries और Chart Industries ने हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए समझौता किया है। दोनों ने मिलकर H2 Alliance (IH2A) बनाया है।

यह भी पढ़ें : LIC के शेयरों में 10 दिन से जारी गिरावट का सिलसिला टूटा, क्या आपको करना चाहिए निवेश?

क्या है ग्रीन हाइड्रोजन?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें