देश में कार सर्विस सेंटर के सबसे बड़े नेटवर्क को ऑपरेट करने वाली कंपनी गोमैकेनिक (GoMechanic) में वित्तीय गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने अपनी जांच में पाया है कि इसके 1000 से अधिक सर्विस सेंटर्स में से करीब 60 में अकाउंटिंग के नियमों का उल्लंघन किया गया है। इनमें रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और पैसों को इधर से उधर भेजना शामिल है। जिस इंवेस्टर ग्रुप ने ईवाई के जांच के लिए काम पर रखा है, उसने गोमैकेनिक में निवेश से मना कर दिया और गड़बड़ियों के बारे में सिकोइया कैपिटल को भी बता दिया।
गोमैकेमिक की सबसे बड़ी निवेशक सिकोइया कैपिटल इंडिया (Sequoia Capital India) है। सिकोइया कैपिटल ने गोमैकेनिक के बैलेंस शीट की फोरेंसिक जांच की बात कही थी। ब्लूमबर्ग न्यूज ने ईवाई, गोमैकेनिक और सिकोइया से ई-मेल, फोन कॉल टेक्स्ट मैसेज के जरिए प्रतिक्रिया लेनी चाही लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
GoMechanic के फाउंडर ने मानी गलती
वर्ष 2016 में कुशल करवा और अमित भसीन समेत चार दोस्तों ने गोमैकेनिक की शुरुआत की थी। भसीन ने एक लिंक्डइन पोस्ट में गड़बड़ियों की बात स्वीकार की। हालांकि इसमें डिटेल्स नहीं साझा की गई है। भसीन ने लिखा है कि किसी भी कीमत पर आगे बढ़ने की कोशिशों के चलते फैसले में गंभीर गलतियां हुई। भसीन ने कंपनी की मौजूदा स्थिति की पूरी जिम्मेदारी ली है और लिखा कि पूरे कारोबार का ढांचा फिर से तैयार किया जा रहा है। इसके चलते करीब 70 फीसदी कर्मियों की कंपनी ने छंटनी की है और कारोबार की ऑडिटिंग थर्ड पार्टी से कराने की बात कही है।
कंपनी के सामने ये है दिक्कतें
गोमैकेनिक देश में सबसे बड़ा ऑटो सर्विस सेंटर नेटवर्क ऑपरेट करती है। इसके तहत एक ऐप के जरिए मैकेनिक्स से लेकर कार धोने जैसी सेवाएं मुहैया कराई जाती है। फंडिंग को लेकर अब दिक्कतें आ रही हैं तो कंपनी के सामने नगदी की किल्लत हो रही है। सिकोइया के लिए यह Zilingo Pte और BharatPe के बाद भारत में अगला झटका है। Zilingo Pte और BharatPe के फाउंडर्स को पिछले साल वित्तीय गड़बड़ियों के चलते कंपनी छोड़नी पड़ी थी।