Hiring in Meta: छंटनी के बीच फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा बेंगलुरु में एक नया ऑफिस खोल रही है। साथ ही शहर में इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट रोल्स के लिए हायरिंग कर रही है। मेटा ने भारत में साल 2010 में एंट्री की थी। कंपनी के वर्तमान में गुरुग्राम, नई दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु में ऑफिस हैं। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे इसके विभिन्न प्रोडक्ट्स की टीमें हैं। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारी सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट और पार्टनरशिप, ऑपरेशंस, पॉलिसी, लीगल और फाइनेंस जैसे कार्यों में हैं।
कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जॉब लिस्टिंग के अनुसार, नए बेंगलुरु ऑफिस के लिए मेटा एक इंजीनियरिंग डायरेक्टर हायर करना चाहती है। इस पर देश में कंपनी की भविष्य की इंजीनियरिंग प्रजेंस को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फाउंडिंग इंजीनियरिंग टीमों को नियुक्त करने और बिल्ड करने की रणनीति विकसित करने की जिम्मेदारी होगी।
नेक्स्ट जनरेशन प्रोडक्ट्स बनाने वाले इंजीनियरों की हायरिंग
मनीकंट्रोल द्वारा देखी गई कंपनी की जॉब लिस्टिंग के अनुसार, मेटा ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की भी तलाश कर रही है जो नेक्स्ट जनरेशन प्रोडक्ट्स बनाने में मदद कर सकें। लिंक्डइन पर मेटा कर्मचारियों की ओर से डाली गईं कुछ पोस्ट के अनुसार, बेंगलुरु सेंटर मेटा की एंटरप्राइज इंजीनियरिंग टीम द्वारा स्थापित किया जा रहा है। यह टीम कंपनी की इंटर्नल टीमों के लिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रोडक्ट बनाती है।
जॉब लिस्टिंग से यह भी संकेत मिलता है कि कंपनी हार्डवेयर इंजीनियरों की भर्ती कर रही है। इस डेवलपमेंट की रिपोर्ट सबसे पहले टेकक्रंच ने दी थी। मेटा के प्रवक्ता ने टेकक्रंच को बताया कि कंपनी बेंगलुरु में इंजीनियरिंग पोजिशंस की एक छोटी संख्या के लिए भर्ती कर रही है।
प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग सेंटर का निर्माण भारत में मेटा की यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित हो सकता है। मेटा का यह कदम ऐसे वक्त सामने आया है, जब Google, Microsoft और OpenAI जैसी प्रमुख टेक कंपनियों के बीच अत्यधिक प्रतिस्पर्धी AI सेक्टर पर हावी होने की होड़ तेज हो गई है। ये कंपनियां कई तरह की पहलों के जरिए देश की डेवलपर कम्युनिटी को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। मेटा वैश्विक स्तर पर अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ा रही है। 2025 में अपने AI प्रयासों को मजबूत करने के लिए पूंजीगत व्यय (CapEx) में 60 अरब से लेकर 65 अरब डॉलर तक का निवेश करने का प्लान है।