डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के आने से भारत के फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में जबरदस्त बदलाव आया है. अब पर्सनल लोन के ऑफर एक्सेस करना और मोबाइल के जरिए कुछ ही मिनटों में लोन लेना बेहद आसान हो गया है. भारत में डिजिटल लेंडिंग का इकोसिस्टम तेजी से डेवलप हो रहा है और बैंक व नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड लोन प्रोडक्ट ऑफर कर रही हैं.
हालांकि, इंस्टेंट लोन ऐप्स की संख्या बढ़ने के साथ ही असली और फर्जी लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच फर्क करना भी मुश्किल होता जा रहा है. ऑनलाइन स्कैम अब बड़ी चिंता का विषय बन चुका है. ‘फेक लोन’ भी एक ऐसा ही स्कैम है, जिसके जरिए साइबर अपराधी लोगों को अक्सर ठगते हैं. ये स्कैमर्स अब पहले से ज्यादा शातिर हो गए हैं और फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापनों और फोन कॉल्स के जरिए भोले-भाले लोगों से पैसे ठगते हैं. ये फेक लोन ऑफर अक्सर बहुत आकर्षक लगते हैं. इनमें इंस्टेंट अप्रूवल और सस्ती ब्याज दरों का लालच दिया जाता है, जिससे लोन लेने वाले धोखा खा जाते हैं.
इसलिए, लोन लेने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. लोन से पहले हर एप्लिकेंट को लेंडर की अच्छे से जांच कर लेनी चाहिए ताकि फेक लोन स्कैम से बचा जा सके. आइए जानते हैं कि असली और फर्जी लोन के बीच कैसे फर्क किया जाए.
'फेक लोन' एक ऐसा स्कैम है, जिसमें कोई व्यक्ति या लेंडर लोन देने का झांसा देता है, लेकिन असल में लोन देने का उसका कोई इरादा नहीं होता. ऐसे ठग आमतौर पर आसान अप्रूवल, सस्ती ब्याज दर या इंस्टेंट फंड ट्रांसफर जैसे दावे करते हैं ताकि वे लोग जल्दी से झांसे में आ जाएं, जिन्हें पैसे की तुरंत जरूरत है. ये ठग बैंक अकाउंट डिटेल या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एडवांस में पैसे मांगते हैं. एक बार जब एप्लिकेंट ये डिटेल या पैसे दे देता है, तो स्कैमर गायब हो जाते हैं और एप्लिकेंट को नुकसान झेलना पड़ता है.
फेक लोन आपके लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकते हैं. ये लोन असली नहीं होते, इसलिए इनमें सर्विसिंग और रिपेमेंट नहीं हो पाती. नतीजा, इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है.
फेक लोन से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
हमेशा उन्हीं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करें, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से अप्रूव्ड हों या RBI-रजिस्टर्ड लेंडर्स के साथ पार्टनरशिप में हों.
उदाहरण के तौर पर, आप मनीकंट्रोल ऐप पर 50 लाख रुपए तक के लोन ऑफर चेक कर सकते हैं. यहां ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और कोई हिडेन चार्ज भी नहीं है. मनीकंट्रोल एक भरोसेमंद फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है और ऐप में ही e-KYC प्रोसेस पूरा किया जा सकता है.
'फेक लोन स्कैम' से बचने के लिए हमेशा सूझबूझ से काम लें. अगर आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो केवल भरोसेमंद डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स ही चुनें.
मनीकंट्रोल पर आप 50 लाख रुपए तक के पर्सनल लोन सकते हैं. ये 100% पेपरलेस एप्लीकेशन प्रोसेस है और ब्याज दरें भी सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.