FIDC (Financial Industry Development Council) ने रिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक का विरोध करते हुए RBI को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें FIDC ने रोक के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। FIDC का कहना है कि रिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक MSME के लिए मुश्किल होगी। रिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक से नुकसान हो सकता है। बताते चलें कि रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा किसी व्यक्ति/बिज़नेस और बैंक के बीच एक व्यवस्थित क्रेडिट लाइन है। इसमें एक तय क्रेडिट लिमिट होती है। व्यक्ति/बिज़नेस आवश्यकता पड़ने पर फंड उधार ले सकता है। रिवॉल्विंग क्रेडिट की अन्य शर्तों में ऑपरेटिंग लाइन,रिवॉल्वर या बैंक लाइन शामिल हैं। इसका मतलब है कि जब तक आप सेट क्रेडिट लिमिट पार नहीं करते और समय पर भुगतान करना जारी रखते हैं,तब तक आप बार-बार क्रेडिट एक्सेस कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड इस तरह के फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट का एक उदाहरण है जो रिवॉल्विंग क्रेडिट प्रदान करता है।
