वित्त मंत्री ने टैरिफ वॉर से सप्लाई चेन को बताया खतरा, रिटेल इन्वेस्टर्स की फिर की तारीफ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैरिफ वॉर और संरक्षणवाद को वैश्विक सप्लाई चेन के लिए खतरा बताया है। उन्होंने रिटेल इन्वेस्टर्स की भूमिका की तारीफ की और कहा कि भारत की आर्थिक नींव और वित्तीय बाजार स्थिर और मजबूत हैं।

अपडेटेड Apr 17, 2025 पर 7:08 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रिटेल इन्वेस्टर्स की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि टैरिफ वॉर और संरक्षणवादी नीतियों के बढ़ने से ग्लोबल सप्लाई चेन पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने इससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई।

मुंबई में बीएसई की 150वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, "टैरिफ वॉर और संरक्षणवादी नीतियां बढ़ने से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इससे उत्पादन लागत बढ़ने का भी खतरा है। साथ ही, दूसरे देशों में निवेश करने के फैसलों में अनिश्चितता पैदा हो सकती है।"

भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा


सीतारमण ने यह भी कहा कि इस volatile, uncertain, complex, ambiguous (VUCA) यानी अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट दुनिया में एक चीज जो अडिग बनी हुई है, वह है भारत की आर्थिक बुनियादी ताकत और उसके मैक्रो-इकोनॉमिक विवेक।

उन्होंने कहा, "हम निवेशकों को नीति स्थिरता और विकास, सुशासन और नवाचार, विवेकपूर्ण आर्थिक नीतियां, लोकतांत्रिक संस्थाएं और युवाशक्ति का संयोजन प्रदान करते हैं।" सीतारमण ने बताया कि टैरिफ वॉर का असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा है, जिसमें भारत भी शामिल है।

ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया को झटका

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ लागकर वैश्विक बाजारों को झटका दिया, जिसमें भारत भी शामिल रहा। इसके चलते वैश्विक विकास में संभावित मंदी की चिंता बढ़ गई, जिसका असर दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर दिख सकता है।

हालांकि, ट्रंप ने टैरिफ को 90 दिन के लिए रोक दिया है, जिससे अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है। लेकिन, अमेरिका और चीन की ट्रेड वॉर अभी भी जारी है।

रिटेल इन्वेस्टर्स को वित्त मंत्री ने सराहा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रिटेल इन्वेस्टर्स की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। इसका बढ़ना भारत की मजबूत आर्थिक नींव का सबूत है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के वित्तीय बाजारों ने हालिया वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अद्भुत लचीलापन दिखाया है।

वित्त मंत्री ने कहा, 'खुदरा निवेशक अब शेयर बाजारों में आ रहे हैं और जोखिम लेने को तैयार हैं, जबकि पहले वे सिर्फ बैंक एफडी में टिके रहते थे। कॉर्पोरेट गवर्नेंस में पारदर्शिता के चलते उन्हें कंपनियों को समझने और सीधे उनमें निवेश करने का मौका मिला है।'

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