Crypto Trading: क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स (WazirX) ने अपने प्लेटफॉर्म को दोबारा शुरू किया और इस वापसी में खुदरा निवेशको को बड़ा तोहफा दिया। क्रिप्टो एक्सचेंज ने एक फ्लैट-फी सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश किया है, जिसका उद्देश्य रिटेल निवेशकों के लिए ट्रेडिंग लागत को कम करना है। यह ऐसे समय में आया, जब देश में डिजिटल एसेट्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। वजीरएक्स ने ‘ZERO’ प्लान के तहत पर्सेंटेज पर आधारित ब्रोकरेज फीस को हटाकर प्रति महीने ₹99 का फिक्स्ड चार्ज कर दिया है। इस प्लान के तहत यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त फीस के 300 से अधिक टोकन्स में अनलिमिटेड ट्रेडिंग कर सकते हैं।
वजीरएक्स के फाउंडर निश्चल शेट्टी का कहना है कि वजीरएक्स के जीरो मॉडल ने ट्रांजैक्शन-बेस्ड प्राइसिंग से एक्सेस-बेस्ड प्राइसिंग का अहम बदलाव किया है। इसमें ट्रेडर एक महीने में चाहे कुछ ट्रेड ले या दर्जनों, प्लेटफॉर्म का खर्च फिक्स रहेगा जिससे प्रति-ट्रेड चार्जेज से जुड़ी अनिश्चितता दूर हो जाती है। आमतौर पर क्रिप्टो एक्सचेंज यूजर्स से हर लेन-देन पर 0.5% तक चार्जेज लेते हैं, जिससे बार-बार ट्रेडिंग करने वालों के लिए यह चार्ज काफी अधिक हो जाता है। जैसे कि कोई यूजर हर महीने में दस बार ₹10,000 की ट्रेडिंग करता है, ब्रोकरेज शुल्क को ध्यान में रखते हुए लगभग ₹25,000 की वार्षिक लागत वहन कर सकता है। इसके अलावा, क्रिप्टो लेन-देन पर 1% कर कटौती (टीडीएस) होती है, जो ट्रेडिंग शुल्क में जुड़ जाती है।
WazirX के Zero Plan से होगी नई शुरुआत?
वजीरएक्स के फाउंडर का कहना है कि जीरो प्लान मॉडल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि क्रिप्टो एक्सचेंज रिटेल ट्रेडर्स सर्विसेज देने के तरीके पर फिर से विचार कर सके, जिससे रेवेन्यू जेनेरेशन को ट्रांजैक्शन-बेस्ड फीस से सब्सक्रिप्शन में शिफ्ट किया जा सके। उनका कहना है कि वजीरएक्स की कोशिश ट्रेडिंग एक्टिविटी से रेवेन्यू को बढ़ाने की बजाय अधिक से अधिक यूजर को अपने से जोड़ने की है।
हालांकि इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एक्सचेंजों को टीडीएस जैसे नियामकीय जरूरतों को पूरा करना जारी रखना होगा। क्रिप्टो लेन-देन पर 1% का टीडीएस कटता है जो ट्रेडिंग चार्जेज में जुड़ जाता है। इंडस्ट्री का मानना है कि प्राइसिंग इनोवेशंस से कॉस्ट स्ट्रक्चर आसान होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी जिससे अधिक से अधिक छोटे निवेशक इससे जुड़ेंगे। वजीरएक्स का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब देश के क्रिप्टो मार्केट में कॉम्पटीशन बढ़ रहा है। वजीरएक्स के ऐलान के बाद अब अन्य एक्सचेंज भी ऐसे सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल की तलाश कर रहे हैं।