India Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल, 1 ही हफ्ते में $2.62 अरब बढ़ी गोल्ड होल्डिंग

India Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल देखने को मिला है। RBI के मुताबिक गोल्ड होल्डिंग बढ़ने से फॉरेक्स रिजर्व 693 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जिससे आयात कवर और बाहरी सेक्टर की मजबूती साफ दिखती है।

अपडेटेड Dec 28, 2025 पर 5:34 PM
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इस हफ्ते फॉरेक्स रिजर्व में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह गोल्ड रिजर्व रहा।

India Forex Reserve: 19 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान फॉरेक्स रिजर्व 4.36 अरब डॉलर बढ़कर 693.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

इससे पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 1.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। तब कुल रिजर्व 688.94 अरब डॉलर रहा था। यानी इस बार की बढ़त कहीं ज्यादा मजबूत रही।

सोने के भंडार ने दिया सबसे बड़ा सहारा


इस हफ्ते फॉरेक्स रिजर्व में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह गोल्ड रिजर्व रहा। एक ही हफ्ते में भारत का सोने का भंडार 2.62 अरब डॉलर बढ़कर 110.36 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। इसी वजह से गोल्ड की कीमतों में तेजी है। इसका सीधा असर भारत के गोल्ड रिजर्व के मूल्य पर पड़ा है।

फॉरेन करेंसी एसेट्स में भी बढ़ोतरी

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां यानी Foreign Currency Assets (FCA) इस हफ्ते 1.641 अरब डॉलर बढ़कर 559.428 अरब डॉलर हो गईं। ये कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं।

RBI के डेटा के मुताबिक, FCA में यह बढ़ोतरी सिर्फ डॉलर फ्लो से नहीं होती, बल्कि यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से होने वाले वैल्यूएशन बदलाव भी इसमें शामिल रहते हैं।

SDR और IMF रिजर्व पोजिशन में इजाफा

इस हफ्ते स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। SDR 8 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.744 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन 95 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.782 अरब डॉलर हो गई।

आयात कवर करने के लिए मजबूत स्थिति में भारत

हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद RBI ने कहा है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार देश के 11 महीने से ज्यादा के मर्चेंडाइज इंपोर्ट को कवर करने के लिए पर्याप्त है।

यह भारत के बाहरी सेक्टर की मजबूती को दिखाता है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि मौजूदा स्तर पर भारत अपनी बाहरी फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम स्थिति में है।

पिछले कुछ सालों में कैसे बदला फॉरेक्स रिजर्व

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव साफ दिखता है। 2022 में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में कुल मिलाकर 71 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।

इसके बाद 2023 में तस्वीर बदली और उस साल भारत ने करीब 58 अरब डॉलर अपने विदेशी मुद्रा भंडार में जोड़े। 2024 में रिजर्व में 20 अरब डॉलर से थोड़ा ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। वहीं 2025 में अब तक विदेशी मुद्रा भंडार करीब 47 से 48 अरब डॉलर बढ़ चुका है।

क्या होता है विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा भंडार वे संपत्तियां होती हैं, जिन्हें किसी देश का केंद्रीय बैंक अपने पास रखता है। इनमें मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर जैसी रिजर्व करेंसी शामिल होती हैं। इसके अलावा यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग और सोना भी विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होते हैं।

फॉरेक्स रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता और बाहरी झटकों से निपटने की क्षमता का अहम संकेत माना जाता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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