भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब तक हो चुकीं सभी ट्रेड डील्स की मां होगा। यह बात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कही है। इस समझौते के लिए बातचीत अब अंतिम चरण में है। EU 27 देशों का समूह है। इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा 27 जनवरी को हो सकती है। यूरोपीय परिषद के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। वे 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गोयल का कहना है, "मैंने अब तक विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ 7 सौदे किए हैं। यह समझौता उन सभी में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा।" उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र भारत के हितों के अनुकूल हैं, वहां हमें बेहतरीन डील मिल रही है। ईयू के हितों वाले क्षेत्रों में भी हम उन्हें बेहतर अवसर दे रहे हैं। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अच्छी बात यह है कि हम एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते हैं। हमारे हित अलग-अलग हैं।
2014 से अब तक किसके साथ हुए व्यापार समझौते
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने 2014 से अब तक 7 व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई, EFTA और मॉरीशस शामिल हैं। इससे पहले आसियान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, साफ्टा और सिंगापुर समेत कई देशों के साथ कई समझौते लागू किए जा चुके हैं। EU के साथ यह समझौता सबसे बड़ा होगा। इस ब्लॉक में फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, बेल्जियम, फिनलैंड, हंगरी, आयरलैंड, नीदरलैंड, पोलैंड, डेनमार्क, स्वीडन जैसे 27 विकसित देश शामिल हैं।
वर्तमान में भारत के कुल निर्यात में EU की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। वहीं EU के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024-25 में EU के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा था। निर्यात 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर का था।
खुलेंगे विकास के अपार अवसर
गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सामान और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार काफी संतुलित है। ट्रेड डील से विकास के अपार अवसर खुलेंगे। साथ ही भारत और यूरोपीय संघ एक-दूसरे के पूरक हैं और उनके बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। हालांकि, बातचीत अभी जारी है और यूरोपीय संघ के कार्बन टैक्स जैसे कुछ मुद्दों को सुलझाया जाना बाकी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की स्थिति पर उन्होंने कहा कि "यह भी सही समय पर होगा।"