GST Collection: 5 महीने के हाई पर GST ग्रोथ, फरवरी में सरकार के खजाने में आए ₹1.84 लाख करोड़

GST Collection: फरवरी में GST कलेक्शन 8.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1.84 लाख करोड़ पहुंच गया, जो पांच महीने की सबसे तेज ग्रोथ है। घरेलू राजस्व और आयात से मजबूत वसूली ने संकेत दिया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी देश में खपत और आर्थिक गतिविधि टिकाऊ बनी हुई है।

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 5:09 PM
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जनवरी में GST कलेक्शन 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।

GST Collection: गुड्स एंड सर्विसेज यानी GST कलेक्शन फरवरी में बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी है और पिछले पांच महीनों की सबसे तेज ग्रोथ मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश के भीतर खपत और आर्थिक गतिविधि बनी हुई है।

सरकार ने 1 मार्च को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में GST कलेक्शन 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। फरवरी में ग्रोथ तेज होकर 8.1 प्रतिशत हो गई। फरवरी 2025 में जहां सकल GST कलेक्शन 1.69 लाख करोड़ रुपये था, वहीं फरवरी 2026 में यह बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह सुधार बेहतर टैक्स कंप्लायंस और स्थिर मांग का संकेत देता है।

घरेलू GST से मिल रहा मजबूत सहारा


आंकड़ों से साफ है कि घरेलू राजस्व ही कलेक्शन की असली ताकत बना हुआ है। सकल घरेलू GST राजस्व सालाना आधार पर 5.3 प्रतिशत बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये हो गया। रिफंड घटाने के बाद शुद्ध घरेलू राजस्व में 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी देश के भीतर व्यापारिक गतिविधि और खपत का स्तर संतुलित बना हुआ है।

आयात से जुड़ा GST तेजी से बढ़ा

आयात से जुड़ा GST राजस्व इससे भी तेज गति से बढ़ा है। इसमें सालाना आधार पर 17.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह मजबूत व्यापार प्रवाह और आयात मूल्यों में वृद्धि का संकेत देता है। कस्टम्स से जुड़ा शुद्ध GST कलेक्शन 14.2 प्रतिशत बढ़ा। इससे साफ है कि बाहरी व्यापार का योगदान भी बढ़ रहा है।

फरवरी के दौरान रिफंड की राशि भी बढ़ी है। कुल रिफंड सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये हो गए। यह दिखाता है कि रिफंड प्रोसेसिंग पहले के मुकाबले तेज और व्यवस्थित हुई है।

राज्यों में मिला-जुला रुख

राज्य स्तर पर तस्वीर थोड़ी अलग-अलग दिखती है, लेकिन कुल मिलाकर रुझान सकारात्मक है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों में GST कलेक्शन में स्थिर वृद्धि दर्ज की गई। कुछ राज्यों में स्थानीय मांग में उतार-चढ़ाव के कारण थोड़ी नरमी दिखी। सेटलमेंट के बाद राज्यों का कुल GST राजस्व फरवरी में सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत बढ़ा।

लगातार 1.8 लाख करोड़ रुपये से ऊपर का कलेक्शन यह बताता है कि खपत की मांग सामान्य स्तर पर लौटने के बावजूद टिकाऊ बनी हुई है।

अर्थव्यवस्था की रफ्तार बरकरार

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की। दूसरी तिमाही में यह ग्रोथ 8.4 प्रतिशत थी। सरकार के नए आधार आंकड़ों के अनुसार पूरे वित्त वर्ष में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इससे संकेत मिलता है कि चौथी तिमाही में भी अर्थव्यवस्था मौजूदा रफ्तार के आसपास बनी रह सकती है।

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