जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आज शनिवार 18 दिसंबर को कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल कुछ गलतियों को गैर-आपराधिक मानने पर सहमत हो गया है। इसके अलावा टैक्स नियमों के तहत मामला शुरू करने की सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये कर दिया। हालांकि नकली चालान के मामले में एक करोड़ रुपये की सीमा को बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही कंपाउंडिंग राशि को भी घटाकर 25 से 100 प्रतिशत कर दिया गया है। यह राशि इस समय 50 से 150 प्रतिशत है। जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक में परिषद ने जीएसटी के तहत तीन तरह की गड़बड़ियों- अधिकारी के काम में बाधा डालना, सबूतों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ और जानकारी देने में विफल रहने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला किया है।
