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GST Council अब इन गड़बड़ियों को नहीं मानेगा क्राइम, काउंसिल ने इस कारण तय की SUV की परिभाषा

जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आज कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल कुछ गलतियों को गैर-आपराधिक मानने पर सहमत हो गया है। इसके अलावा टैक्स नियमों के तहत मामला शुरू करने की सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये कर दिया। हालांकि नकली चालान के मामले में एक करोड़ रुपये की सीमा को बरकरार रखा गया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 18, 2022 पर 5:19 PM
GST Council अब इन गड़बड़ियों को नहीं मानेगा क्राइम, काउंसिल ने इस कारण तय की SUV की परिभाषा
GST Council ने SUV (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स) की स्पष्ट परिभाषा तय करते हुए इस पर 22 फीसदी का कंपेंसेशन सेस लगाया है जो 28 फीसदी जीएसटी के अतिरिक्त में लगेगा।

जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आज शनिवार 18 दिसंबर को कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल कुछ गलतियों को गैर-आपराधिक मानने पर सहमत हो गया है। इसके अलावा टैक्स नियमों के तहत मामला शुरू करने की सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये कर दिया। हालांकि नकली चालान के मामले में एक करोड़ रुपये की सीमा को बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही कंपाउंडिंग राशि को भी घटाकर 25 से 100 प्रतिशत कर दिया गया है। यह राशि इस समय 50 से 150 प्रतिशत है। जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक में परिषद ने जीएसटी के तहत तीन तरह की गड़बड़ियों- अधिकारी के काम में बाधा डालना, सबूतों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ और जानकारी देने में विफल रहने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला किया है।

SUV की तय करनी पड़ी परिभाषा

काउंसिल ने एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स) की स्पष्ट परिभाषा तय करते हुए इस पर 22 फीसदी का कंपेंसेशन सेस लगाया है जो 28 फीसदी जीएसटी के अतिरिक्त में लगेगा। इसके अलावा काउंसिल ने यह भी कहा है कि एमयूवी (मल्टी यूटिलिटी व्हीकल) की परिभाषा तय की जाएगी। सीतारमण ने एसयूवी के बारे में जो स्पष्टीकरण दिया गया है, उसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक 1,500 सीसी से अधिक इंजन की क्षमता, 4,000 मिमी से अधिक लंबाई और 170 मिमी या अधिक का ग्राउंड क्लीयरेंस समेत चार शर्तों को पूरा करने वाली गाड़ियों पर 22 फीसदी का कंपेंसेशन सेस लगता है और ये चार शर्तें पूरी करने वाली गाड़ियों को आम बोलचाल में एसयूवी कहा जाता है।

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