Get App

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वर्चुअल डिजिटल एसेट वाले ट्रांजैक्शन पर भी 28% GST लगाने की तैयारी

प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, ऑनलाइन गेम के लिए डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म को ऑपरेट या मैनेज करने वाले प्लैटफॉर्म को चलाने वाली कंपनियां या लोग टैक्स के दायरे में होंगे, चाहे 'एक्शनेबल क्लेम' की सप्लाई पैसे में हो या वर्चुअल एसेट के तौर पर हो

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 31, 2023 पर 10:40 PM
ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वर्चुअल डिजिटल एसेट वाले ट्रांजैक्शन पर भी 28% GST लगाने की तैयारी
सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लैटफॉर्म फिलहाल ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू पर नहीं बल्कि प्लैटफॉर्म फीस पर 18 पर्सेंट जीएसटी देते हैं।

जीएसटी काउंसिल 2 अगस्त को अपनी बैठक में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वर्चुअल डिजिटल एसेट  वाले ट्रांजैक्शन, पेमेंट और जीत पर 28 पर्सेंट जीएसटी लगाने पर विचार कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी एक्ट में प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है कि वर्चुअल डिजिटल एसेट के तौर पर ट्रांजैक्शन और जीत पर भी 28 पर्सेंट जीएसटी लगाया जाएगा।

प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है, 'ऑलनाइन गेमिंग की सप्लाई की वैल्यू, पैसे या वर्चुअल डिजिटल एसेट के तौर पर सप्लायर को भुगतान की गई कुल रकम या उसी के पास जमा की गई कुल रकम होगी।' आगामी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। एक महीने से भी कम में यह जीएसटी काउंसिल की दूसरी बैठक होगी। सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लैटफॉर्म फिलहाल ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू पर नहीं बल्कि प्लैटफॉर्म फीस पर 18 पर्सेंट जीएसटी देते हैं, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) भी कहा जाता है। ट्रांजैक्शन की फुल वैल्यू को कॉन्टेस्ट एंट्री अमाउंट (CEA) भी कहा जाता है।

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने 13 जुलाई को मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को दिए इंटरव्यू में कहा था कि सरकार का मकसद ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नियमों को ज्यादा स्पष्ट बनाना है। प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, ऑनलाइन गेम के लिए डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म को ऑपरेट या मैनेज करने वाले प्लैटफॉर्म को चलाने वाली कंपनियां या लोग टैक्स के दायरे में होंगे, चाहे 'एक्शनेबल क्लेम' की सप्लाई पैसे में हो या वर्चुअल एसेट के तौर पर हो। 28 पर्सेंट टैक्स का प्रावधान इस तरह के 'ऐक्शनेबल क्लेम' पर लागू होगा।

सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, 2017 में 'ऐक्शनेबल क्लेम' को गुड्स की कैटगरी में रखा गया है। अब तक लॉटरी, बेटिंग और जुए को 'ऐक्शनेबल क्लेम' के दायरे में रखा गया था। अब हॉर्स रेसिंग और ऑनलाइन गेमिंग को भी इस कैटगरी में जोड़ दिया जाएगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें