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₹9000 करोड़ की सीख, 3 साल पहले गलती से भेजे थे ऑटो ड्राइवर के खाते में, अब बैंक ने बदल दिया अपना पूरा सिस्टम

कभी-कभी कुछ झटके ग्रोथ का रास्ता तैयार करते हैं। ऐसा ही इस बैंक के मामले में हुआ। करीब तीन साल पहले गलती से एक ऑटो वाले के खाते में बैंक ने ₹9000 करोड़ भेज दिए थे जोकि बैंक की बैलेंस शीट का करीब 17% हिस्सा था। इसके बाद बैंक ने अपने टेक सिस्टम को काफी अपग्रेड किया है। डिटेल्स में पढ़ें और समझें कि ऐसी गलती कैसे हुई और आगे इससे बचने के लिए बैंक ने क्या किया

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 2:10 PM
₹9000 करोड़ की सीख, 3 साल पहले गलती से भेजे थे ऑटो ड्राइवर के खाते में, अब बैंक ने बदल दिया अपना पूरा सिस्टम
भारी-भरकम पैसों के लेन-देन पर नजर रखने के लिए Tamilnad Mercantile Bank ने एक लेवल सिक्योरिटी और जोड़ी है। (File Photo- Pexels)

करीब तीन साल पहले ऑटो रिक्शा लगाने वाले एक शख्स के खाते में गलती से ₹9,000 करोड़ जमा हुए थे। इसके बाद प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज बैंक तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) जांच के घेरे में आ गया था। पैसा तो आधे घंटे के भीतर ही रिवर्स हो गया था लेकिन इस घटना ने बैंक के रिस्क मैनेजमेंट और विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि तूतीकोरिन में स्थित इस बैंक ने धीरे-धीरे अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया है और अब वह रियल-टाइम ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग और एआई-एनेबल्ड सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है।

जब ₹9000 करोड़ की यह गलती हुई थी तो यह बैंक की ₹53 हजार करोड़ की बैलेंस शीट का एक बड़ा हिस्सा था। अब इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बैंक की बैलेंस शीट बढ़कर करीब ₹75,300 करोड़ हो चुकी है।

कैसे हुई थी गलती और अब क्या बदला

करीब तीन साल पहले NACH (नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस) में फाइल अपलोड करते समय गलती से अकाउंट नंबर के आगे एक अतिरिक्त अंक जुड़ गया था। इसके बाद यह फाइल बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) में अपलोड की गई। उस समय यह प्रोसेस मैनुअली होती थी। बैंक के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और आईटी हेड डेविस जोस थेट्टायिल (Davis Jose Thettayil) ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि बैंक के मुताबिक यह फाइल को प्रोसेस करते समय हुई एक मैनुअल गलती के कारण हुआ था। उससे सबक लेते हुए अब बैंक ने अपने सिस्टम में कई बदलाव किए है। डेविस पिछले साल से बैंक से जुड़े हैं और उन्होंने बताया कि बैंक ने अपने ट्रांजैक्शन-प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है और फ्रॉड-मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया है।

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