Vijay Kedia ने 2000000 शेयर खरीदे इस कंपनी के, रिकॉर्ड निचले स्तर पर शॉपिंग ने भरा जोश, आया 18% का तेज उछाल

Vijay Kedia Portfolio: जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इस कंपनी के शेयर एक कारोबारी दिन पहले 20% टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। लोअर सर्किट पर विजय केडिया ने मौका देखा और 20 लाख शेयर खरीदा तो आज यह 18% उछल पड़ा। चेक करें कि क्या यह स्टॉक आपके पोर्टफोलियो में है और इसकी सेहत कैसी है

अपडेटेड Aug 19, 2026 पर 12:37 PM
एक तरफ Zaggle Prepaid के शेयर ढह रहे थे तो दूसरी तरफ Zaggle Prepaid ने इसे एक मौके के तौर पर देखा और भुना लिया।

Vijay Kedia Portfolio: खर्चों से जुड़े मैनेजमेंट की सर्विसेज मुहैया कराने वाली जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज के शेयर एक कारोबारी दिन पहले जून तिमाही के कमजोर नतीजे पर 20% टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। हालांकि आज इसमें तूफानी रिकवरी हुई और यह करीब 18% उछल पड़ा। इसकी यह तेजी कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में आई है। दिग्गज निवेशक विजेय केडिया की केडिया सिक्योरिटीज ने इसकी गिरावट का फायदा उठाते हुए खरीदारी की तो शेयरों को सपोर्ट मिला और आज यह रॉकेट बन गया।

इसकी तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अभी भी यह मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 11.52% की बढ़त के साथ ₹184.95 (Zaggle Prepaid Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 18% चढ़कर ₹195.70 तक पहुंच गया था।

Zaggle Prepaid के कितने शेयर खरीदे Vijay Kedia ने


एक तरफ जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज के शेयर ढह रहे थे तो दूसरी तरफ विजय केडिया ने इसे एक मौके के तौर पर देखा और भुना लिया। एनएसई पर मौजूद बल्क डील्स के डेटा के मुताबिक विजय केडिया की केडिया सिक्योरिटीज ने प्रति शेयर ₹164.72 के भाव पर ₹32.94 करोड़ में जैगल प्रीपेड के 20 लाख शेयर खरीदे।

Zaggle Prepaid के लिए कैसी रही जून तिमाही

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जैगल प्रीपेड का रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 33% गिरकर ₹17.5 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कारोबारी नतीजे ने निराश किया और ईबीआईटीडीए ₹31 करोड़ पर स्थिर रहा तो ईबीआईटीडीए मार्जिन 9.2% से घटकर 7.3% पर आ गया। कंपनी का कहना है कि ग्रीनऐज (Greenedge) के शानदार प्रदर्शन और जून तिमाही में ओवरराइडिंग कमीशन के चलते प्रोपेल (Propel) के मार्जिन में सुधार हुआ। इसके अलावा रेवेन्यू के मुकाबले इंसेंटिव और कैशबैक का खर्च लगभग 66.3% रहा, जो मार्च 2026 तिमाही के 69% से बेहतर है।

हालांकि ईबीआईटीडी मार्जिन को डाइस (Dice) के अधिग्रहण से जुड़े खर्च जैसे कि ट्रांजैक्शन कॉस्ट, वेंडर को एक बार किए गए पेमेंट और 100 से अधिक प्रोफेशनल्स के रिलोकेशन के खर्च से झटका लगा। कंपनी का कहना है कि डाइस कॉन्ट्रैक्ट से होने वाली कमाई को जून 2026 तिमाही में नहीं दिखाया गया और उम्मीद है कि यह सितंबर 2026 तिमाही से दिखना शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मार्जिन पर उन खर्चों का भी असर पड़ा जिन्हें पहले कैपिटलाइज किया गया था लेकिन उन्हें अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में दिखाया गया। साथ ही एंप्लॉयीज की सैलरी में बढ़ोतरी और जैगडॉटमनी (Zagg.Money) के अधिग्रहण के बाद एंप्लॉयीज और अन्य चीजों पर हुए अतिरिक्त खर्च का भी असर पड़ा।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

जैगल प्रीपेड के शेयरों ने निवेशकों को एक साल में तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 19 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹417.40 पर था। इस हाई लेवल से एक साल में यह 63.00% टूटकर एक कारोबारी दिन पहले 18 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड निचले स्तर 154.40 पर आ गए थे। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹164 के भाव पर जारी हुए थे और 22 सितंबर 2023 को इसकी मार्केट में करीब 1% डिस्काउंट यानी ₹162 पर एंट्री हुई थी। 17 दिसंबर 2024 को यह ₹597 के रिकॉर्ड हाई पर था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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