किसी भी बिजनेस को चलाने और आगे बढ़ाने के लिए फंड्स की जरूरत हमेशा बनी रहती है. छोटे ट्रेडर्स से लेकर बड़े कारोबारियों तक, सभी के लिए ऑपरेशन्स को बढ़ाना और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना तभी मुमकिन होता है, जब फंड्स समय पर मिलें.
किसी भी बिजनेस को चलाने और आगे बढ़ाने के लिए फंड्स की जरूरत हमेशा बनी रहती है. छोटे ट्रेडर्स से लेकर बड़े कारोबारियों तक, सभी के लिए ऑपरेशन्स को बढ़ाना और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना तभी मुमकिन होता है, जब फंड्स समय पर मिलें.
ऐसे में बिजनेस लोन कारोबारियों के लिए बड़ा सपोर्ट बन सकता है. आज के समय में बैंक और NBFCs यानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां अलग-अलग तरह के बिजनेस लोन देती हैं, जो खासतौर पर कारोबार के लिए ही होते हैं. बिजनेस लोन किसी मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाने या नए बिजनेस की शुरुआत के लिए लिया जा सकता है. इससे बिजनेस ऑपरेशंस में आसानी होती है और आगे की ग्रोथ के रास्ते खुलते हैं. अब यह पूरा प्रोसेस ऑनलाइन भी हो गया है. मनीकंट्रोल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आप 100% पेपरलेस प्रोसेस के जरिए 50 लाख रुपए तक के बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
बिजनेस लोन एक ऐसा लोन होता है, जो बैंक या NBFCs उन लोगों को देते हैं, जो अपने कारोबार के लिए फंड चाहते हैं. इस लोन का इस्तेमाल किराया चुकाने, स्टाफ की सैलरी देने, नए इक्विपमेंट खरीदने या बिजनेस को किसी नई जगह तक फैलाने के लिए किया जा सकता है. ध्यान रहे कि इस लोन का इस्तेमाल केवल बिजनेस के खर्चों के लिए ही किया जा सकता है, पर्सनल जरूरतों के लिए नहीं.\
बैंक और NBFCs अलग-अलग जरूरतों के लिए तरह-तरह के लोन ऑफर करते हैं. कुछ प्रमुख प्रकार हैं:
यह एक तय अमाउंट का लोन होता है, जिसे एक निश्चित समय में चुकाना होता है. इसकी EMI और टेन्योर पहले से तय होता है.
यह लोन कारोबार की डेली जरूरतों जैसे कैश फ्लो मैनेज करने और ऑपरेशनल खर्चों को पूरा करने के लिए दिया जाता है.
अगर बिजनेस को बढ़ाना है या कोई बड़ा इन्वेस्टमेंट करना है, तब यह लोन मदद करता है.
यह लोन उन लोगों को मिलता है, जो नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं. इसके लिए न तो पुराना क्रेडिट रिकॉर्ड जरूरी होता है और न ही कोई कोलेटरल.
अगर बिजनेस में महंगी मशीनों की जरूरत है, तो यह लोन उन्हें खरीदने या अपग्रेड करने के लिए मदद करता है.
हर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के डॉक्युमेंट्स थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये डॉक्युमेंट्स लगते हैं:
बैंक और NBFCs यह लोन देने से पहले कुछ चीजों को चेक करते हैं. जैसे -
बिजनेस लोन दो तरह की टेन्योर में मिलते हैं, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म शामिल हैं.
शॉर्ट टर्म लोन
ये लोन तब लिए जाते हैं, जब तुरंत फंड्स की जरूरत हो, जैसे डेली खर्च, कैश फ्लो की दिक्कत या अचानक किसी अवसर का फायदा उठाने की स्थिति में. शॉर्ट टर्म लोन का टेन्योर आमतौर पर 12 से 24 महीने की होता है.
लॉन्ग टर्म लोन
अगर बिजनेस में लंबे पीरियड के लिए इन्वेस्टमेंट करना है या बड़े लेवल पर ग्रोथ प्लान है, तो ये लोन सही होते हैं. इनमें EMI का बोझ कम होता है और चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलता है.
बिजनेस लोन लेने से पहले अपनी जरूरत, बिजनेस की स्थिति और रिस्क कैपेसिटी को ध्यान में रखना जरूरी है. कौन-सा लोन लेना है और कितने समय के लिए लेना है, यह सोच-समझकर तय करें. सही फैसला बिजनेस की ग्रोथ में बड़ी मदद कर सकता है.
मनीकंट्रोल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आप 100% पेपरलेस प्रोसेस के जरिए 50 लाख रुपए तक के बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
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