इनसोर्सिंग (Insourcing) का ट्रेंड बढ़ रहा है। कंपनियां इंडिया में ऑफिसेज शुरू कर रही हैं या उनकी संख्या बढ़ा रही हैं। यह पहले के ट्रेंड से अलग है, जब कंपनियां इंडिया में अपने बैक ऑफिसेज बनाना चाहती थीं। पिछले तीन महीनों में Jp Morgan Chase, Citi, Llyods Banking Group, Natwest और Deutshce Bank ने इंडिया में अपने ऑफिसेज शुरू किए हैं या उन्होंने यहां अपने एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ाने के ऐलान किए हैं। जेप मॉर्गन चेज ने पिछले हफ्ते मुंबई और बेंगलुरु में अपने ऑफिसेज शुरू करने का एलान किया। उसने इस बारे में एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि इंडिया में कपंनी के कॉर्पोरेट सेंटर्स इतने विकसित हो गए हैं कि वे टेक सॉल्यूशंस, बिजनेस और फाइनेंशियल सपोर्ट दे सकते हैं।
GCC की संख्या 2000 तक पहुंच जाने की उम्मीद
Nasscom की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया में अभी 1,580 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) हैं। इनमें 16 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। नैस्कॉम को 2026-27 तक इंडिया में जीसीसी की संख्या बढ़कर 2,000 तक पहुंच जाने की उम्मीद है। EY और Boston Consulting Group (BCG) दोनों का अनुमान है कि 2030 तक GCC में काम करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 45 लाख तक पहुंच जाएगी।
इंडिया में स्किल्ड एंपलॉयीज की उपलब्धता
सवाल है कि इंडिया में कंपनियों के जीसीसी ओपन करने की वजह क्या है? JP Morgan Chase के सीईओ (कॉर्पोरेट सेंटर्स-इंडिया और फिलीपींस) दीपक मांगला ने कहा कि इंडिया में कुशल और अलग-अलग तरह के एंप्लॉयीज उपलब्ध हैं। यह लोकेशन को लेकर किसी कंपनी की स्ट्रेटेजी के लिए बहुत मायने रखता है। इसका हमारे इनोवेशन और डेवलपमेंट एफर्ट्स में काफी कंट्रिब्यूशंस है।
जेपी मॉर्गन के इंडिया में 50000 से ज्यादा एंप्लॉयीज
मांगला ने बताया कि इंडिया में कंपनी के 50,000 से ज्यादा एंप्लॉयीज हैं, जो कंपनी की सभी तरह के फंक्शंस को बिजनेस ऑपरेशंस उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे एंप्लॉयीज ग्लोबल इनोवेशन में सबसे आगे हैं। वे क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंटिग्रेशन, ब्लॉकचेन, क्वांट रिसर्च, डाटा साइंस, बिजनेस मॉडलिंग एंड एनालिटिक्स और डिजिटल बैंकिंग के लिए मॉडर्न सॉल्यूशंस ऑफर करते हैं। इन सॉल्यूशंस का इस्तेमाल दुनियाभर में हमारे क्लाइंट्स करते हैं।"
ऑफिस बंद कर चुकी कंपनियां भी इंडिया लौट रही
यह पहले देखे गए ट्रेंड के उलट है। पहले इंडिया में ग्लोबल कंपनियों के एंप्लॉयीज सपोर्ट फंक्शन देते थे। अब ये एंप्लॉयीज कंपनियों के कोर सर्विसेज ऑफर कर रहे हैं। यहीं वजह है कि जिन कंपनियों ने इंडिया में अपने ऑफिसेज बंद कर दिए थे, वे उन्हें फिर से ओपन कर रही हैं। BCG के पार्टनर स्नेहिल गंभीर ने कहा कि ऐसे टैलेंट पूल को हायर करना जो कॉस्ट के मामले में भी फायदेमंद हो बहुत अहम है।