10वें नंबर से सीधे नंबर-1 पर! भारत बना दुनिया में KitKat का सबसे बड़ा बाजार, Maggi के बाद नेस्ले का नया कमाल
India Largest Market for KitKat: किटकैट का इतिहास काफी दिलचस्प है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में ब्रिटिश कन्फेक्शनरी कंपनी रोवैंट्रीज ने की थी। साल 1988 में स्विस मल्टीनेशनल कंपनी नेस्ले ने रोवैंट्रीज का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद किटकैट नेस्ले का हिस्सा बन गया
एक दशक पहले तक वैश्विक स्तर पर किटकैट की बिक्री के मामले में भारत 10वें नंबर पर हुआ करता था
KitKat: भारत के चाकलेट प्रेमियों ने दुनिया भर में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। स्विट्जरलैंड की दिग्गज फूड और कन्फेक्शनरी कंपनी नेस्ले (Nestlé) का मशहूर चॉकलेट ब्रांड किटकैट (KitKat) अब दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में बिक रहा है। कंपनी के मुताबिक, मजबूत कंज्यूमर रीच, नए-नए फ्लेवर और जबरदस्त मार्केटिंग के दम पर भारत अब किटकैट के लिए दुनिया का नंबर-1 मार्केट बन गया है।
पिछले 2-3 सालों से भारत इस मामले में दूसरे नंबर पर था, लेकिन अब इसने दुनिया के अन्य 85 देशों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।
10 साल में नंबर 10 से नंबर 1 का सफर
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में इस ऐतिहासिक कामयाबी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महज एक दशक पहले तक वैश्विक स्तर पर किटकैट की बिक्री के मामले में भारत 10वें नंबर पर हुआ करता था।
किटकैट अब नेस्ले इंडिया के पोर्टफोलियो का ऐसा दूसरा ब्रांड बन गया है, जिसके लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिर्फ मैगी के नाम था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में नेस्ले के कन्फेक्शनरी सेगमेंट ने वैल्यू और वॉल्यूम दोनों ही मामलों में डबल-डिजिट की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। बता दें कि भारत से पहले जापान, ब्राजील और यूरोपीय देश किटकैट के सबसे बड़े खरीदार माने जाते थे।
इन 4 बड़े बदलावों ने पलटा गेम
नेस्ले इंडिया के कन्फेक्शनरी और सीरियल्स डायरेक्टर जगदीशन गोपीचंदर के मुताबिक, किटकैट को नंबर-1 बनाने के पीछे कोर मार्केट में पैठ मजबूत करना और नए सेक्टर्स में एंट्री करना रहा है:
प्रीमियम और नए फ्लेवर की एंट्री: कंपनी ने केवल क्लासिक किटकैट पर भरोसा नहीं किया, बल्कि भारतीय युवाओं को लुभाने के लिए 'साल्टेड कैरेमल' और 'हेज़लनट' जैसे प्रीमियम वेरिएंट वाले KitKat Delights को लॉन्च किया। इसके अलावा 'KitKat DUO' और 'KitKat Lemon & Lime' जैसे लीक से हटकर फ्लेवर बाजार में उतारे।
गिफ्टिंग और निबलिंग सेगमेंट: त्योहारों पर उपहार देने के लिए KitKat Celebreak और चलते-फिरते खाने के लिए KitKat Pops पेश किए गए।
विजीकूलर प्रोग्राम: भारत की गर्मियों में चॉकलेट पिघलने की बड़ी समस्या होती है। नेस्ले ने शहरी और ग्रामीण इलाकों की दुकानों में बड़े स्तर पर कांच के दरवाजे वाले कमर्शियल रेफ्रिजरेटर लगवाए, जिससे छोटे कस्बों तक इसकी पहुंच आसान हो गई।
मार्केटिंग पर भारी खर्च: कंपनी ने भारत में अपनी रीच बढ़ाने के लिए विज्ञापनों और डिजिटल कैंपेन पर निवेश को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।
सालाना ₹395 करोड़ के 'फिंगर्स' चबा गए भारतीय
नेस्ले इंडिया की एनुअल रिपोर्ट (FY25) के मुताबिक, भारत में किटकैट के बाजार हिस्सेदारी दोगुनी होने के बाद भारतीयों ने किटकैट की ₹395 करोड़ के फिंगर्स चट कर डालें। इसके साथ ही यह देश में चॉकलेट कैटेगरी के भीतर सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड बन गया। दूसरी ओर, भारत में नेस्ले का मैगी बिजनेस भी दुनिया में सबसे बड़ा है, जहां सालाना ₹500 करोड़ से ज्यादा सर्विंग्स की बिक्री होती है।
ब्रिटेन से शुरू हुआ था सफर, अमेरिका में हर्शे के पास है कमान
किटकैट का इतिहास काफी दिलचस्प है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में ब्रिटिश कन्फेक्शनरी कंपनी रोवैंट्रीज (Rowntree's) ने की थी। साल 1988 में स्विस मल्टीनेशनल कंपनी नेस्ले ने रोवैंट्रीज का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद किटकैट नेस्ले का हिस्सा बन गया। हालांकि, एक अनोखे लाइसेंस समझौते के तहत अमेरिका में किटकैट को नेस्ले नहीं, बल्कि उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी हर्शे मैन्युफैक्चर और सेल करती है।