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दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर देश बना भारत, 10 साल में 7500% बढ़ा एक्सपोर्ट

भारत की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री ने एक दशक पहले तय किया गया अपना टारगेट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन गया है। ICEA ने बताया कि इन 10 वर्षों के दौरान भारत ने 4.1 लाख करोड़ रुपये के कुल 2.45 अरब मोबाइल फोन बनाए, जबकि 2024-15 में यह आंकड़ा 18,900 करोड़ रुपये था

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 07, 2024 पर 10:09 PM
दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर देश बना भारत, 10 साल में 7500% बढ़ा एक्सपोर्ट
2014-24 के दौरान भारत का मोबाइल फोन का कुल एक्सपोर्ट बढ़कर 3.22 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

भारत की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री ने एक दशक पहले तय किया गया अपना टारगेट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन गया है।

ICEA ने बताया कि इन 10 वर्षों के दौरान भारत ने 4.1 लाख करोड़ रुपये के कुल 2.45 अरब मोबाइल फोन बनाए, जबकि 2024-15 में यह आंकड़ा 18,900 करोड़ रुपये था। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन एपल (Apple), शाओमी (Xiaomi), ओप्पो (Oppo), वीवो (Vivo), लावा (Lava) आदि कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।

एसोसिएशन का कहना है कि यह सेक्टर 2014 में जहां 78 पर्सेंट इंपोर्ट पर निर्भर था, वहीं अब यह फिलहाल 97 पर्सेंट तक आत्मनिर्भर हो गया है। इंडस्ट्री ने अगले 10 वर्षों में 20 लाख करोड़ का टारगेट तय किया था और 19.45 लाख करोड़ के कुल प्रोडक्शन का लक्ष्य हासिल किया।

वित्त वर्ष 2014-15 में भारत से मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट सिर्फ 1,556 करोड़ रुपये था। मोबाइल इंडस्ट्री को वित्त वर्ष 2024 में यह अनुमान बढ़कर 1.2 लाख करोड़ हो जाने की उम्मीद है यानी एक दश में इसमें 7500 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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