भारत और अमेरिका के अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के तहत देश में हार्ले-डेविडसन की बाइक सस्ती हो सकती हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने एग्रीमेंट के तहत 800cc और 1600cc इंजन कैपेसिटी वाली हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म करने पर सहमति जताई है। साथ ही हाई-एंड कारों पर भी टैरिफ कम किया जाएगा। इस डील में इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल नहीं हैं। उम्मीद है कि ये छूट एग्रीमेंट साइन होने के बाद लागू होंगी, जो शायद मार्च के आसपास होगा।
भारत पर अब अमेरिका की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएंगे। इसे लेकर अमेरिका की ओर से एग्जीक्यूटिव ऑर्डर अगले हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। अमेरिका की ओर से और छूट और भारत द्वारा कोई भी संबंधित कटौती तभी लागू होगी, जब डील पर औपचारिक रूप से साइन हो जाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि एग्रीमेंट के तहत हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर पहले दिन से ही कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। इसी कैटेगरी की दूसरी हाई-एंड गाड़ियों पर टैरिफ कम हो जाएंगे। दूसरी हाई-एंड इंटरनल कंबशन इंजन वाली गाड़ियों के लिए भारत इंपोर्ट ड्यूटी को 110 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर देगा। लेकिन यह बदलाव सिर्फ 3000cc से ज्यादा इंजन कैपेसिटी वाली कारों पर लागू होगा।
लोअर और मिड-टियर ऑटोमोबाइल्स को टैरिफ में कोई छूट नहीं
सूत्रों ने साफ किया कि इस ट्रेड डील के तहत लोअर और मिड-टियर ऑटोमोबाइल्स को टैरिफ में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के एक्सपोर्ट के लिए एक प्रेफरेंशियल टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जब अंतरिम ट्रेड डील लागू हो जाएगी तो कुछ भारतीय ऑटो पार्ट्स अमेरिका में जीरो ड्यूटी पर जाएंगे। वहीं दूसरों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा।
भारत ने यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ ट्रेड एग्रीमेंट में भी इसी तरह की छूट दी है। उन डील्स के तहत यूरोपीय लग्जरी गाड़ियों पर इंपोर्ट ड्यूटी कई सालों में धीरे-धीरे कम की जाएगी। कुछ मामलों में लगभग 10 प्रतिशत तक, जिससे विदेशी मैन्युफैक्चरर्स को भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी।