India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कब लगेगी फाइनल मुहर? पीयूष गोयल ने दी बड़ी जानकारी

India-US Trade Deal: रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच तीन दिन की बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया था कि अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क तैयार हो चुका है

अपडेटेड Feb 20, 2026 पर 3:14 PM
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बड़ी जानकारी दी है।

भारत-अमेरिका के बीच बीते महीने हुए ट्रेड डील पर कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि, भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील इस साल अप्रैल में लागू हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि यूके और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भी इसी महीने शुरू होने की संभावना है। यूके और ओमान के साथ समझौते को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। वहीं न्यूजीलैंड के साथ होने वाला समझौता सितंबर में लागू होने की उम्मीद है।

ट्रेड डील का फ्रेमवर्क तैयार

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच तीन दिन की बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया था कि अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क तैयार हो चुका है। अब दोनों देश इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि इस फ्रेमवर्क पर मार्च तक साइन हो जाएंगे।


दोनों देशों में जल्द होगी बड़ी बैठक

वहीं 23 फरवरी को होने वाली मीटिंग में भारतीय टीम की अगुवाई वाणिज्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी दर्पण जैन करेंगे। इस ट्रेड डील के तहत दोनों देश आपस में होने वाले कई सामानों पर कस्टम ड्यूटी में छूट देंगे, ताकि व्यापार आसान और सस्ता हो सके। अमेरिका ने यह भी घोषणा की है कि वह भारतीय उत्पादों पर लगने वाला आपसी टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत का टैरिफ पहले ही हटाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और कारोबारी रिश्ते मजबूत होंगे।

पैक्स सिलिका  में शामिल हुआ भारत 

इस बीच एक अहम कदम उठाते हुए भारत शुक्रवार को पैक्स सिलिका (PAX Silica) में शामिल हो गया। यह अमेरिका के नेतृत्व वाला एक रणनीतिक गठबंधन है, जिसका मकसद जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है। साइनिंग सेरेमनी में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिका के राजदूत सॉर्जियो गोर मौजूद रहे। सर्जियो गोर ने कहा कि पैक्स सिलिका अलग-अलग देशों की क्षमताओं को साथ लाने वाला एक गठबंधन है।

यह पहल 12 दिसंबर 2025 को अमेरिका द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में जरूरी खनिजों की सप्लाई को सुरक्षित करना और सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना है। इन जरूरी खनिजों में लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी रेयर-अर्थ एलिमेंट्स शामिल हैं। ये सभी आधुनिक तकनीक, बैटरी, चिप और एआई सिस्टम के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस गठबंधन में पहले से शामिल देशों में अमेरिका, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। अब भारत के जुड़ने से इस ग्रुप की ताकत और बढ़ गई है।

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