Get App

India-US Trade Deal: 'बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है...', अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर केंद्र सरकार ने दी अहम जानकारी

India-US Trade Deal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत अब काफ़ी आगे बढ़ चुकी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मज़बूत कर रहा है और दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं

Rajat Kumarअपडेटेड Dec 22, 2025 पर 2:41 PM
India-US Trade Deal: 'बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है...', अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर केंद्र सरकार ने दी अहम जानकारी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर डील सोमवार 22 दिसंबर 2025 को फाइनल हो गई है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर डील सोमवार 22 दिसंबर 2025 को फाइनल हो गई है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और पीएम मोदी ने इस, बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इससे उनके निर्यातकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस डील से न्यूजीलैंड के एक्सपोर्टर्स को भारत में मिडिल क्लास तक आसान पहुंच मिलेगी। वहीं इस डील के बीच केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत अब काफ़ी आगे बढ़ चुकी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मज़बूत कर रहा है और दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

भारत-US ट्रेड डील कहां अटकी?

बता दें कि कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच एक शुरुआती ट्रेड फ्रेमवर्क डील लगभग तय होने वाली है। उन्होंने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ यानी आपसी शुल्क को कम करने पर केंद्रित होगा। इससे भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। राजेश अग्रवाल ने 15 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच शुरुआती फ्रेमवर्क डील लगभग तय होने वाली है, हालांकि उन्होंने इसकी कोई समय-सीमा बताने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच अब तक बातचीत के छह दौर पूरे हो चुके हैं। इन चर्चाओं में बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) के साथ-साथ आपसी टैरिफ घटाने के लिए एक अंतरिम व्यवस्था पर भी बात की गई है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें