Jet Fuel Prices: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। आज सुबह सरकारी तेल कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन की नई कीमतों का ऐलान किया, जिसने भारतीय विमानन क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। अप्रैल महीने के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में 115% तक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। भारत के विमानन इतिहास में यह पहली बार है जब जेट फ्यूल की कीमतें ₹2 लाख प्रति किलो लीटर के पार पहुंच गई है।
दिल्ली (IGIA): घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत पिछले महीने के ₹96,638.14 से बढ़कर ₹2,07,341.22 प्रति किलो लीटर (KL) हो गई है। यह लगभग 114.5% का उछाल है।
मुंबई (CSMIA): मुंबई में कीमतें 115% बढ़कर ₹1,94,968.67 प्रति KL पहुंच गई हैं।
अन्य शहर: चेन्नई और कोलकाता में भी ईंधन की कीमतों ने ₹2 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हुईं महंगी
भारतीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अब $1,000 प्रति KL के स्तर को पार कर गया है। दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अब $1,690.81/KL मिलेगा जो 107% की वृद्धि दर्शाता है। कोलकाता में कीमतें सबसे ज्यादा $1,727.3/KL तक पहुंच गई है। रुपये की गिरती कीमत ने एयरलाइंस के लिए और मुश्किलें पैदा कर दी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों एक लिए ईंधन का पेमेंट डॉलर में करना होता है।
एयरलाइंस के लिए अस्तित्व का संकट
जेट फ्यूल पहले से ही एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 40-45% हिस्सा था। कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद छोटी एयरलाइंस के लिए अब उड़ानें जारी रखना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने बताया कि, यूरोप-अमेरिका जाने वाली उड़ानें पहले ही युद्ध के कारण लंबे रास्तों से जा रही हैं, जिससे ईंधन की खपत और बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बढ़ती लागत और मांग में संभावित गिरावट के कारण एयरलाइंस को अपनी उड़ानों की संख्या घटानी पड़ सकती है।
आम जनता पर क्या होगा असर?
अगर आप आने वाले दिनों में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके महंगा किराया चुकाना पड़ सकता है। एयरलाइंस अब बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर डालेंगी। 21 मार्च 2026 को ही सरकार ने घरेलू उड़ानों पर लगी ₹18,000 की 'फेयर कैप' हटा ली है, जिससे अब टिकट के दाम बेतहाशा बढ़ सकते हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और आकासा जैसी कंपनियां पहले ही ₹150 से लेकर $200 तक फ्यूल सरचार्ज वसूल रही हैं, जिसे अब और बढ़ाया जा सकता है।
एयरलाइंस को बड़ी राहत, कीमतों में बढ़ोतरी का सिर्फ 25% ही करना होगा भुगतान
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में 100% से अधिक के उछाल के बावजूद, भारत सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतों में वृद्धि को केवल 25% पर सीमित रखने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य घरेलू नागरिक उड्डयन क्षेत्र को वैश्विक तेल झटकों से बचाना और आम यात्रियों के लिए हवाई सफर को किफायती बनाए रखना है। इस राहत के बाद अब घरेलू उड़ानों के किराये में उस भारी बढ़ोतरी की आशंका कम हो गई है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण पैदा हुई थी।