Mahindra Group ने RBL Bank में खरीदी लगभग 4% हिस्सेदारी, जानिए डिटेल

सूत्रों ने कहा कि अगर Mahindra Group को RBL Bank का स्ट्रेटेजिक शेयरहोल्डर बनने की मंजूरी मिल जाती है तो वह बैंक में अपनी हिस्सेदारी 15-25% तक बढ़ाने का इच्छुक है। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने कहा, "महिंद्रा ग्रुप आरबीएल बैंक के साथ तालमेल को लेकर उत्साहित है

अपडेटेड Jul 26, 2023 पर 8:06 PM
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महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) की एंटिटी ने ओपन मार्केट ट्रेड के जरिए आरबीएल बैंक (RBL Bank) में लगभग 4% हिस्सेदारी खरीदी है।

महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) की एंटिटी ने ओपन मार्केट ट्रेड के जरिए आरबीएल बैंक (RBL Bank) में लगभग 4% हिस्सेदारी खरीदी है। मामले की जानकारी रखने वाले दो इंडिपेंडेंट सोर्सेज ने यह दावा किया है। हालांकि महिंद्रा ग्रुप के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी से इनकार किया है। इसके अलावा, आरबीएल बैंक ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। इस बीच RBL Bank के शेयरों में आज 4.70 फीसदी की तेजी आई है और यह 233.75 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।

सूत्रों ने और क्या कहा?

सूत्रों ने कहा कि अगर महिंद्रा ग्रुप को आरबीएल बैंक का स्ट्रेटेजिक शेयरहोल्डर बनने की मंजूरी मिल जाती है तो वह बैंक में अपनी हिस्सेदारी 15-25% तक बढ़ाने का इच्छुक है। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने कहा, "महिंद्रा ग्रुप आरबीएल बैंक के साथ तालमेल को लेकर उत्साहित है।" फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर पर महिंद्रा ग्रुप का दांव मुख्य रूप से ग्रुप की कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज के माध्यम से है।


RBI का ये है नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौजूदा नियमों के अनुसार इंडस्ट्रियल हाउसेज को बैंकों में अधिकतम 10 फीसदी हिस्सेदारी रखने की अनुमति है लेकिन वे प्रमोटर के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं। हालांकि, एक सूत्र ने बताया कि महिंद्रा ग्रुप आरबीआई से छूट की मांग कर सकता है। बता दें कि आरबीआई किसी औद्योगिक घराने को बैंकिंग लाइसेंस देने पर भी रोक लगाता है।

RBL Bank में उतार-चढ़ाव

आरबीएल बैंक के लिए पिछले कुछ साल उतार-चढ़ाव भरे रहे। विश्ववीर आहूजा ने एमडी और सीईओ का पद छोड़ दिया क्योंकि आरबीआई ने उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया। आरबीआई ने दिसंबर 2021 में आरबीएल बैंक के बोर्ड में अपना अधिकारी नियुक्त किया। विश्ववीर आहूजा के अचानक बाहर निकलने और आरबीआई की कार्रवाई ने निवेशकों के सेंटीमेंट को खराब किया है। इन्वेस्टर कम्युनिटी के एक सूत्र ने कहा, "हमें लगता है कि रेगुलेटर आरबीएल बैंक के लिए लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन की तलाश में है।"

गोपाल जैन और शिवकुमार गोपालन को अगस्त 2022 में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया था। बैरिंग्स एशिया के पास बैंक में 10% हिस्सेदारी है। वहीं, गाजा कैपिटल, सीडीसी अन्य निवेशक हैं। बैरिंग्स एशिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 2020 में बैंक में निवेश किया।

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