अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के AI प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले 12 से 18 महीनों में AI ज्यादातर व्हाइट-कॉलर यानी ऑफिस वाली नौकरियों को ऑटोमेट कर सकता है।
अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के AI प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले 12 से 18 महीनों में AI ज्यादातर व्हाइट-कॉलर यानी ऑफिस वाली नौकरियों को ऑटोमेट कर सकता है।
उनके मुताबिक यह बदलाव पिछले कई दशकों में ऑफिस जॉब्स की दुनिया में सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है।
AI इंसानों के स्तर तक पहुंच रहा
Financial Times को दिए इंटरव्यू में सुलेमान ने कहा कि AI सिस्टम अब ज्यादातर प्रोफेशनल कामों में इंसानी स्तर के करीब पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि कंप्यूटर आधारित नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में हैं। इसमें कानून, अकाउंटिंग, मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और दूसरी ऑफिस जॉब्स शामिल हैं।
सुलेमान ने कहा, 'इनमें से ज्यादातर काम अगले 12 से 18 महीनों में पूरी तरह AI से कराए जा सकेंगे।'
व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर सबसे बड़ा खतरा क्यों
सुलेमान के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह कंप्यूटिंग पावर और AI मॉडल्स की तेजी से बढ़ती क्षमता है।
उन्होंने कहा कि जैसे जैसे AI सिस्टम बेहतर होंगे, वे समस्या सुलझाने, कोडिंग और रोजमर्रा के फैसले लेने जैसे काम इंसानों से ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
सॉफ्टवेयर सेक्टर में दिखने लगी झलक
सुलेमान ने कहा कि इसका असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सेक्टर में अभी से दिखने लगा है। Business Insider की पिछले साल की रिपोर्ट के मुताबिक कई डेवलपर्स अब अपने ज्यादातर कोड लिखने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Suleyman का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ छोटे मोटे कामों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में AI जटिल प्रोफेशनल वर्कफ्लो भी संभालने लगेगा।
इंसानों की जगह ले सकता है AI
अब तक AI को सिर्फ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने वाला टूल माना जाता था। लेकिन सुलेमान का कहना है कि आने वाले समय में AI सिर्फ मदद नहीं करेगा, बल्कि इंसानों की जगह लेना शुरू कर सकता है।
उनके मुताबिक अगले 2 से 3 साल में AI एजेंट्स कंपनियों के अंदर वर्कफ्लो संभालेंगे, कामों को मैनेज करेंगे और कम इंसानी दखल के साथ फैसले भी ले सकेंगे।
AI बनाना भी आसान हो जाएगा
सुलेमान का कहना है कि भविष्य में AI बनाना भी काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'नया AI मॉडल बनाना भविष्य में पॉडकास्ट बनाने या ब्लॉग लिखने जितना आसान हो सकता है।'
यानी आगे चलकर कंपनियां, संस्थाएं और यहां तक कि आम लोग भी अपनी जरूरत के हिसाब से खुद का AI सिस्टम तैयार कर सकेंगे।
Microsoft का फोकस क्या है
सुलेमान ने कहा कि Microsoft का लक्ष्य AI के मामले में आत्मनिर्भर बनना है।
उनके मुताबिक AI आज के दौर की सबसे अहम टेक्नोलॉजी बन चुकी है। इसलिए कंपनी अपने खुद के फाउंडेशन मॉडल्स तैयार करने पर जोर दे रही है, ताकि तकनीक की दौड़ में सबसे आगे रहा जा सके।
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