भारत में खराब नेटवर्क से 92% मोबाइल यूजर्स परेशान, कमजोर स्पीड भी है बड़ी समस्या

LocalCircles ने 8,210 मोबाइल यूजर्स पर एक सर्वे किया है। जिसमें से 48 फीसदी का कहना है कि खराब नेटवर्क के चलते मोबाइल सर्विस में बार-बार दिक्कतें आ रही हैं। वहीं 44 फीसदी यूजर्स डेट स्पीड से खुश नजर नहीं आए

अपडेटेड Jun 07, 2022 पर 5:54 PM
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भारत में 10 में से 9 मोबाइल यूजर्स को खराब वायरलेस कनेक्टिविटी (poor wireless connectivity) से शिकायत है।

भारत में इन दिनों मोबाइल यूजर्स की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्हें नेटवर्क और डेटा संबंधी कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। एक लोकल सर्वे के मुताबिक, भारत में 10 में से 9 मोबाइल यूजर्स ने खराब वायरलेस कनेक्टिविटी (poor wireless connectivity) की शिकायत की है। जबकि दो तिहाई लोग पुराने 3G और 4G नेटवर्क पर डिजिटल पेमेंट की परेशानी से जूझ रहे हैं।

LocalCircles ने किया सर्वे

दरअसल लोकलसर्कल्स (LocalCircles) ने एक सर्वे किया है। इस सर्वे में 8,210 मोबाइल यूजर्स को शामिल किया गया है। जिसमें से 48 फीसदी यूजर्स का कहना है कि खराब नेटवर्क के चलते उनको मोबाइल सर्विस में बार-बार कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। वहीं 44 फीसदी लोग डेटा स्पीड से खुश नजर नहीं आए। एक अन्य सर्वे में 11,865 यूजर्स में से 66 फीसदी का कहना है कि कम से कम एक बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ा है। जिसके कारण उनको पेमेंट करने के लिए चेक, नकद या क्रेडिट कार्ड जैसे दूसरे ऑप्शन पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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टेलीकॉम सेक्टर में सुधार की जरूरत

इस सर्वे से इस बात का पता चलता है कि भारत में टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ में बढ़ोतरी के बावजूद बेहतर सर्विस नहीं दे पा रही हैं। बता दें कि कुछ महीने पहले ही टेलीकॉम कंपनियों ने टैरिफ में बढ़ोतरी की थी। इससे इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि भारत में टेलीकॉम कंपनियों को 5G सर्विस मुहैया कराने के लिए काफी कुछ काम करना होगा। इन्हें तकनीकी तौर पर मजबूती लाना होगा। कमजोर मोबाइल कनेक्टिविटी भारत के डिजिटल इकोनॉमी (digital economy) के अभियान में बड़ी बाधा के रूप में सामने आ सकता है।

साल 2016 से नया दौर

टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो के चीफ मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने जैसे ही कदम रखे, तो इस सेक्टर में काफी उथल-पुथल देखने को मिला। साल 2016 में जियो के आने के बाद देश में फ्री कॉल, सस्ते डेटा का एक नया दौर शुरू हो गया। ऐसे में तमाम कंपनियों को बाजार से भागना पड़ा। एक समय ऐसा था, जब देश में एक दर्जन कंपनियां थी। अब इनकी संख्या घटकर सिर्फ तीन प्राइवेट कपनियां और एक सरकारी कंपनी तक ही सीमित रह गई है। रिलायंस जियो के बढ़ते कॉम्पिटशन के चलते भारती एयरटेल (Bharti Airtel Ltd) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) अपने आपको बचाने में कामयाब रहीं। लेकिन तमाम टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियां गायब हो गईं।

साल 2021 में हुए 35 अरब डिजिटल ट्रांजेक्शन 

इस सर्वे में यह भी निकलकर आया है कि देश में डिजिटल पेमेंट को बेहतर बनाए रखने के लिए टेलीकॉम सेक्टर को मजबूती देने की जरूरत है। इस सेक्टर के इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी रकम खर्च करने की जरूरत है। लोकलसर्कल के मुताबिक साल 2021 में भारत में 35 अरब डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए हैं। अगर मोबाइल नेटवर्क की समस्या को ठीक कर लिया जाए तो यह संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है।

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