नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने टाटा समूह की वोल्टास के खिलाफ एक अर्जी खारिज कर दी है। इस अर्जी में कंपनी के खिलाफ उसके एक ऑपरेशनल क्रेडिटर ने दिवाला कार्यवाही (Insolvency Proceedings) शुरू करने की अपील की थी। NCLAT की दो सदस्यों वाली बेंच ने नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच के पहले के आदेशों को बरकरार रखा है। NCLT ने 27 मई, 2025 को पहले से मौजूद विवाद के आधार पर दिवाला कार्यवाही की अर्जी खारिज कर दी थी।
NCLAT ने NCLT के निष्कर्षों को उचित ठहराया है। कहा कि अपील करने वाली एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स और Voltas के बीच जो ईमेल बातचीत है, वह साफ दर्शाती है कि वर्क सर्टिफिकेशन, अमाउंट और जरूरी कागजात को लेकर विवाद चल रहा था।
NCLT ने सही आधार पर खारिज की थी अपील
NCLAT ने कहा, ‘‘हमें इस मामले में NCLT के नजरिए से अलग रुख अपनाने का कोई कारण नहीं दिखता। NCLT ने पहले से मौजूद विवादों के सही आधार पर सेक्शन-9 आवेदन को खारिज कर दिया था। नतीजतन, हमें अपील में कोई दम नहीं मिला। हमें विवादित आदेश में दखल देने का कोई कारण नहीं मिला। अपील खारिज की जाती है।’’
एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स को वोल्टास ने हायर किया था। यह हायरिंग वोल्टास क्लाइंट्स को अलग-अलग वर्क साइट्स पर HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर-कंडीशनिंग) सिस्टम्स के ऑपरेशंस और मेंटेनेंस के लिए सर्विस देने के लिए की गई थी। इस मकसद के लिए वोल्टास के पास एक रनिंग खाता मेंटेन किया गया था।
कैसे काम करता था पेमेंट मैकेनिज्म
एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स ने दी गई सर्विस के लिए पेमेंट को लेकर इनवॉइस बनाए। इन्हें ESI/PF चालान और वेजेज रजिस्टर वगैरह जैसे जरूरी दस्तावेज के साथ वोल्टास को भेजा गया। वोल्टास जरूरी वेरिफिकेशन के बाद इन इनवॉइस/दस्तावेजों को अपने क्लाइंट्स को भेज देती थी। जब ग्राहक TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) काटने के बाद वोल्टास को पेमेंट रिलीज कर देता था तो वोल्टास बदले में कुछ रकम रिटेंशन मनी के तौर पर रोककर बाकी का पैसा एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स को जारी कर देती थी। याचिका में कहा गया कि वोल्टास बाद में अपनी भुगतान देनदारियों को पूरा करने में विफल रही।
1.20 करोड़ के कर्ज का दावा
एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स ने अपनी अपील में कहा कि बकाया इनवॉइस के बारे में वोल्टास के साथ बाद में बातचीत करने पर सिर्फ यह जवाब मिला कि बकाया रकम कमर्शियल वेरिफिकेशन के लिए रखी गई है। ऑपरेशनल क्रेडिटर ने कुल 1.20 करोड़ रुपये के कर्ज का दावा किया और 17 फरवरी, 2024 को एक डिमांड नोटिस भेजा। लेकिन, वोल्टास ने आगे कोई पेमेंट नहीं किया। इसके बजाय बकाया देनदारी पर विवाद दायर किया, जिसमें लिमिटेशन का मुद्दा उठाना भी शामिल था।
इसके बाद एयर वेव टेक्नोक्राफ्ट्स ने 29 अगस्त, 2024 को NCLT में वोल्टास के खिलाफ कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस शुरू करने के लिए सेक्शन 9 एप्लीकेशन फाइल की। इसे NCLT ने 27 मई, 2025 को खारिज कर दिया गया। इस आदेश को फिर NCLAT में चुनौती दी गई।