Noida workers protests: उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 अप्रैल को कामगारों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला लिया। तीन कैटेगरी-अनस्किल्ड, सेमी-स्किल्ड और स्किल्ड वर्कर्स के वेतन में 21 फीसदी वृद्धि की गई है। नोएडा में वर्कर्स की हड़ताल के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया। वर्कर्स की हड़ताल ने 13 अप्रैल को हिंसक रूप ले लिया था। इससे पहले हरियाणा सरकार ने वर्कर्स के न्यूनतम वेतन में इजाफा किया था।
सबसे ज्यादा वेतन के मामले में दिल्ली पहले पायदान पर
मनीकंट्रोल ने 13 राज्यों में वर्कर्स के वेतन के बारे में पता लगाया है। इस स्टडी से पता चला है कि दिल्ली ज्यादा वेतन देने के मामले में पहले पायदान पर है। दिल्ली में अनस्किल्ड वर्कर का मिनिमम वेज 18,456 रुपये प्रति माह है। सेमी-स्किल्ड का 20,371 रुपये है। स्किल्ड वर्कर का 22,411 रुपये प्रति माह है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक है। वहां अनस्किल्ड वर्कर का वेज 17,295 रुपये प्रति माह है। सेमी-स्किल्ड का 18,570 रुपये प्रति माह है। स्किल्ड का 19,972 रुपये है।
महाराष्ट्र में अनस्किल्ड वर्कर का मिनिमम वेज 13,921 रुपये
महाराष्ट्र में अनस्किल्ड वर्कर का मिनिमम वेज 13,921 रुपये तक है। सेमी-स्किल्ड का 14,756 रुपये प्रति माह है। स्किल्ड वर्कर का 15,532 रुपये है। इंडिया में मिनिमम वेजेज के लिए कई दशकों पुराना कानून है। इसका नाम मिनिमम वेजेज एक्ट, 1948 है। राज्य सरकारों ने भी मिनिमम वेजेज के लिए अपने-अपने नियम बनाए हैं। हालांकि, जल्द मिनिमम वेजेज एक्ट, 1948 की जगह नया कानून कोड ऑफ वेजेज, 2019 लेने जा रहा है।
वर्कर्स के विरोध प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने बढ़ाया वेजेज
यूपी सरकार ने वर्कर्स के प्रदर्शन के बाद वेजेज में इजाफा करने का फैसला लिया। वर्कर्स का यह प्रदर्शन नोएडा में तीन दिन तक शांतिपूर्ण रहा। उसके बाद 13 अप्रैल को यह अचानक हिंसक हो गया। मांग नहीं माने जाने से गुस्साए वर्कर्स ने कई गाड़ियों में आग लगा दी। कुछ जानकारों का कहना है कि यह वेतन को लेकर वर्कर्स के बीच निराशा का नतीजा था। बाद में नोएडा में दूसरी जगहों पर भी वर्कर्स का विरोध देखने को मिला।
यूपी से पहले हरियाणा ने बढ़ाया था मिनिमम वेजेज
बड़ा सवाल यह है कि आखिर अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले वर्कर्स अचानक क्यों हिंसक हो गए? बगैर किसी नेता के चल रहा आंदोलन कैसे हिंसक हो सकता है? पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे कुछ राजनीतिक दलों का हाथ हो सकता है। वर्कर्स ने हरियाणा में सरकार के मिनिमम वेजेज 35 फीसदी बढ़ाने के बाद अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया था। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांग मान लेगी। लेकिन, अचानक प्रदर्शन कर रहे वर्कर्स बेकाबू हो गए।