ट्रंप के दावे पर ईरान के पलटवार से कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल, होर्मुज संकट के बीच $150 तक जा सकता है 'ब्रेंट क्रूड'!

Crude Oil: ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ 'पॉजिटिव बातचीत' हुई है और उन्होंने 5 दिनों के लिए हमले टाल दिए हैं। लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका वित्तीय बाजारों को मैनिपुलेट करने के लिए झूठ बोल रहा है

अपडेटेड Mar 24, 2026 पर 8:23 AM
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ट्रंप के बयान के बाद कीमतों में 10% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन मंगलवार सुबह बाजार फिर से चढ़ गया

Hormuz Crisis: वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखी गई। इसकी मुख्य वजह ईरान का वह बयान है, जिसमें उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'सफल बातचीत' वाले दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सोमवार को ट्रंप के बयान के बाद कीमतों में 10% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन मंगलवार सुबह बाजार फिर से चढ़ गया।

ब्रेंट क्रूड: $1.06 (1.1%) बढ़कर $101 प्रति बैरल पर पहुंच गया।

WTI क्रूड: $1.58 (1.8%) की बढ़त के साथ $89.71 पर कारोबार कर रहा है।


बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खुल जाता, तब तक तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता बनी रहेगी।

ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ 'पॉजिटिव बातचीत' हुई है और उन्होंने 5 दिनों के लिए हमले टाल दिए हैं। लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका वित्तीय बाजारों को मैनिपुलेट करने के लिए झूठ बोल रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी ठिकानों पर नए हमलों का दावा करते हुए ट्रंप के बयानों को 'घिसा-पिटा मनोवैज्ञानिक युद्ध' बताया है। ईरान के 'इस्फहान' में एक गैस स्टेशन और 'खुर्रमशहर' में पावर स्टेशन को जोड़ने वाली पाइपलाइन पर ताजा हमले की खबरें आई हैं।

$150 तक पहुंच सकता है कच्चे तेल का भाव

दिग्गज वित्तीय संस्था मैक्वेरी (Macquarie) ने तेल की कीमतों को लेकर डरावनी भविष्यवाणी की है। मैक्वेरी का मानना है कि जब तक होर्मुज का रास्ता साफ नहीं होता, तेल की कीमतें $85-$90 के 'फ्लोर' से वापस $110 की रेंज में जा सकती हैं। अगर अप्रैल के अंत तक होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहता है, तो ब्रेंट क्रूड $150 प्रति बैरल के ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है।

भारत के लिए क्या है स्थिति?

संकट के बीच भारत के लिए कुछ कूटनीतिक और व्यापारिक रास्ते खुले हैं। सोमवार को दो भारतीय एलपीजी टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज से गुजरे, जिससे घरेलू किल्लत में थोड़ी राहत की उम्मीद है। अमेरिका द्वारा समुद्र में मौजूद ईरानी और रूसी तेल पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध हटाने के बाद, ट्रेडर्स ने भारतीय रिफाइनरियों को प्रीमियम पर ईरानी कच्चा तेल देने की पेशकश की है। इसके साथ ही IEA प्रमुख फातिह बिरोल ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर एशियाई और यूरोपीय सरकारों के साथ मिलकर और अधिक 'स्ट्रैटेजिक रिजर्व' बाजार में उतारा जा सकता है।

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