इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक रीस्ट्रक्चरिंग की कोशिश के तहत अपने 5% कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह अपने फ्रंट-एंड ऑपरेशंस में ज्यादा ऑटोमेशन के जरिए स्पीड और डिसिप्लिन पर ज्यादा ध्यान दे रही है। साथ ही एक ज्यादा दुरुस्त ऑर्गेनाइजेशन बना रही है, जो लंबे समय तक, मुनाफे वाली ग्रोथ के लिए तैयार है।
ओला इलेक्ट्रिक फिलहाल मुनाफे में नहीं है। इसकी बिक्री में वित्त वर्ष 2026 के दौरान ज्यादातर समय गिरावट रही है। वहीं इसकी प्रतिद्वंद्वी एथर एनर्जी और पुरानी कंपनियों में TVS मोटर और बजाज ऑटो आगे निकल गईं। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि ओला इलेक्ट्रिक ने मार्च 2025 में एक बड़ा इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग कैंपेन शुरू किया था। इसके कारण सेल्स, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग विभागों में लगभग 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया।
नवंबर 2024 में भी की थी छंटनी
इससे पहले कंपनी ने नवंबर 2024 में इसी तरह की छंटनी की थी, जिससे कम से कम 500 कर्मचारी प्रभावित हुए थे। ओला इलेक्ट्रिक में टॉप-लेवल के कई अधिकारी इस्तीफे दे चुके हैं। दिसंबर 2024 में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अंशुल खंडेलवाल और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर सुवोनील चटर्जी ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
गेमिंग और एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म जूपी (Zupee) लगभग 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहा है। ये कर्मचारी स्टार्टअप की कुल वर्कफोर्स का लगभग 40 प्रतिशत हैं। गेमिंग से जुड़े स्टार्टअप्स अभी भी सरकार के नए ऑनलाइन गेमिंग कानून के असर से जूझ रहे हैं। इस कानून ने रियल-मनी गेम्स (RMG) पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। जूपी ने कहा कि छंटनी बदलते रेगुलेटरी और मार्केट एनवायरमेंट के हिसाब से एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार बिजनेस बनाने की उसकी कोशिशों का हिस्सा है। Inc42 ने सबसे पहले इस डेवलपमेंट की रिपोर्ट दी थी। इससे पहले स्टार्टअप ने सितंबर 2025 में 170 नौकरियां खत्म की थीं।