अब iPhone 16, iPhone 15 जैसे पुराने मॉडल खरीदना पड़ेगा महंगा, ₹5000 बढ़ सकती है कीमत

DG सपोर्ट वापस लेने का फैसला नए iPhone 17 लाइनअप पर लागू नहीं होता। यह सिर्फ मौजूदा या पुराने मॉडल्स तक ही सीमित है। DG सपोर्ट हटने से चैनल पार्टनर्स पहले जितना डिस्काउंट नहीं दे पाएंगे। भारत में पुराने iPhones की मांग आम तौर पर मजबूत बनी रहती है

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 2:55 PM
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Apple के DG सपोर्ट का इस्तेमाल हैंडसेट ब्रांड्स अक्सर कीमतों में सब्सिडी देने और डिमांड बढ़ाने के लिए करते हैं।

भारत में अब पुराना iPhone खरीदना आपकी जेब पर ज्यादा भारी पड़ेगा। iPhone 16 और iPhone 15 जैसे पॉपुलर मॉडल अब करीब 5,000 रुपये ज्यादा महंगे हो जाएंगे। इसकी वजह है कि Apple इस हफ्ते रिटेलर्स और चैनल पार्टनर्स को डिमांड जेनरेशन (DG) सपोर्ट देना बंद कर रही है। यह एक अहम इंसेंटिव है, जिसने अब तक ग्राहकों के लिए कीमतें कॉम्पिटिटिव बनाए रखने में मदद की थी।

इससे पहले Apple ने कैशबैक ऑफर में भारी कटौती की थी। इन्हें 6,000 रुपये से घटाकर सिर्फ 1,000 रुपये कर दिया। इस बदलाव ने पहले ही नए iPhone 17 लाइनअप को भारतीय खरीदारों के लिए थोड़ा ज्यादा महंगा बना दिया। अब DG सपोर्ट हटाए जाने से कीमतों पर और दबाव पड़ेगा, खासकर मिड-प्रीमियम सेगमेंट में। इस सेगमेंट में पुराने मॉडल आमतौर पर ज्यादा बिकते हैं।

क्या करता है DG सपोर्ट


DG सपोर्ट का इस्तेमाल हैंडसेट ब्रांड्स अक्सर कीमतों में सब्सिडी देने और डिमांड बढ़ाने के लिए करते हैं। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि DG सपोर्ट iPhone 15 और iPhone 16 जैसी डिवाइस की असल रिटेल कीमत को कम रखने में मदद कर रहा था। इन बैकएंड इंसेंटिव्स की वजह से रिटेलर्स आधिकारिक तौर पर मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) बदले बिना डिस्काउंट दे पाते थे। इसके चलते ये iPhone ग्राहकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाते थे।

अब जब यह सपोर्ट वापस लिया जा रहा है, तो चैनल पार्टनर्स पहले जितना डिस्काउंट नहीं दे पाएंगे। इसका असर यह होगा कि ग्राहकों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। फिर भले ही डिवाइस की आधिकारिक MRP में कोई बदलाव न हुआ हो।

आज शायद सस्ते में खरीदने का आखिरी दिन

यह बदलाव लगभग तुरंत लागू होने की उम्मीद है। कई रिटेलर्स का कहना है कि आज का दिन ग्राहकों के लिए iPhone 16 और iPhone 15 जैसे पॉपुलर मॉडल्स को DG-सपोर्ट वाली कीमतों पर खरीदने का आखिरी मौका हो सकता है। एक रिटेलर के मुताबिक, "एक बार यह सपोर्ट हट जाने के बाद, खरीदारों को इन्हीं डिवाइस के लिए करीब 5,000 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो थोड़े पुराने मॉडल की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे।"

एक अन्य इंडस्ट्री सूत्र ने साफ किया कि DG सपोर्ट वापस लेने का फैसला नए iPhone 17 लाइनअप पर लागू नहीं होता। यह सिर्फ मौजूदा या पुराने मॉडल्स तक ही सीमित है। उस व्यक्ति ने कहा, "MRP में कोई बदलाव नहीं हुआ है, और डिस्काउंट में कोई भी बदलाव हमेशा Apple के अपने फैसले पर निर्भर करता है।" भारत में पुराने iPhones की मांग आम तौर पर मजबूत बनी रहती है। DG सपोर्ट को हटाने से निकट भविष्य में मांग पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। इसकी वजह है कि भारत में एक बड़ी संख्या में स्मार्टफोन मासिक किश्तों यानि कि EMI पर खरीदे जाते हैं। यह शुरुआती कीमत में बढ़ोतरी के असर को कम करने में मदद करती हैं।

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कई एंड्रॉइड ब्रांड्स बढ़ा चुके हैं दाम

Apple ने अपने फ्लैगशिप मॉडल्स की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, जैसा कि उसके ज्यादातर दूसरे प्रतिस्पर्धियों ने किया है। Samsung, Oppo, Vivo, Realme, Xiaomi, Motorola और Nothing जैसे प्रमुख एंड्रॉइड स्मार्टफोन ब्रांड्स नवंबर 2025 से कीमतें लगातार बढ़ा रहे हैं। मार्च में भी कई मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही। उद्योग के अधिकारियों का मानना ​​है कि कीमतों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला आने वाले महीनों में भी जारी रह सकता है। इसका मुख्य कारण कंपोनेंट (पुर्जों) की लागत में आई भारी वृद्धि है, खासकर मेमोरी या स्टोरेज चिप के मामले में। इसके चलते स्मार्टफोन मेकर्स के लिए उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। कई हैंडसेट निर्माताओं ने अपने बिक्री लक्ष्य को 20 प्रतिशत तक कम कर दिया है।

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