Paytm के प्रेसिडेंट बने Bhavesh Gupta, इस कारण कंपनी ने सौंपी जिम्मेदारी

दिग्गज फिनटेक फर्म पेटीएम (Paytm) ने भावेश गुप्ता को कंपनी के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के तौर पर नियुक्त किया है। उनका काम डिजिटल लेंडिंग स्पेस में बढ़ते कॉम्पटीशन के बीच कंपनी के लेंडिंग ऑपरेशन्स को मजबूत करना है। इससे पहले वह पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्यूनिकेशन्स ने 16 मई को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी

अपडेटेड May 17, 2023 पर 8:44 AM
वर्ष 2020 में पेटीएम से जुड़ने से पहले भावेश गुप्ता क्लिस कैपिटल (पूर्व नाम जीई कैपिटल) के सीईओ थे। वह इंड्स्टी में 25 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं।

दिग्गज फिनटेक फर्म पेटीएम (Paytm) ने टॉप पोजिशन में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने भावेश गुप्ता को कंपनी के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के तौर पर नियुक्त किया है। उनका काम डिजिटल लेंडिंग स्पेस में बढ़ते कॉम्पटीशन के बीच कंपनी के लेंडिंग ऑपरेशन्स को मजबूत करना है। वह लेंडिंग, इंश्योरेंस, ऑनलाइन और ऑफलाइन पेमेंट्स, कंज्यूमर पेमेंट्स से जुड़ा काम संभालेंगे और उनकी जिम्मेदारी यूजर को बढ़ाने, ऑपरेशन्स रिस्क, फ्रॉड रिस्क और कंप्लॉयंस को संभालने का होगा। इससे पहले वह पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्यूनिकेशन्स ने 16 मई को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। भावेश गुप्ता कंपनी के एमडी और सीईओ विजय शेखर शर्मा को रिपोर्ट करेंगे।

बढ़ते कॉम्पटीशन के बीच मिली जिम्मेदारी

देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में शुमार पेटीएम का कारोबार मुख्य रूप से लोन बांटने का है। मार्च तिमाही में कई लेंडर्स से साझेदारी में यह बिजनेस सालाना आधार पर 82 फीसदी उछलकर 1.2 करोड़ लोन तक पहुंच गया और लोन की टोटल वैल्यू सालाना आधार पर 254 फीसदी उछलकर 12,554 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मार्च 2023 तक 95 लाख लोगों ने पेटीएम के जरिए कर्ज लिया है। हालांकि इस सेगमेंट में कॉम्पटीशन बहुत बढ़ रहा है।


इसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी वालमार्ट (Walmart) की फोनपे (PhonePe) ने परीक्षण के तौर पर लोन बांटना शुरू किया है और अब जल्द ही यह एनबीएफसी के लाइसेंस के लिए भी अप्लाई कर सकती है। फोनपे के अलावा क्रेड (Cred), जार (Jar) और क्रेडिटबी (CreditBee) जैसी और कंपनियां भी ऑनलाइन लोन को डबल करने की स्ट्रैटजी पर काम कर रही हैं। चूंकि पेटीएम का कारोबार सबसे ज्यादा लोन बांटने पर ही निर्भर है तो भावेश गुप्ता को बढ़ते कॉम्पटीशन के बीच कंपनी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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2020 में जुड़े थे Paytm से

वर्ष 2020 में पेटीएम से जुड़ने से पहले भावेश गुप्ता क्लिस कैपिटल (पूर्व नाम जीई कैपिटल) के सीईओ थे। वह इंड्स्टी में 25 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। भावेश ने एसएमई (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) और आईडीएफसी बैंक के बिजनेस बैंकिंग को लीड किया है। वह देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शुमार आईसीआईसीआई बैंक में एग्जेक्यूटिव भी रह चुके हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है और इसके बाद इंदौर के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज इंदौर से एमबीए की है।

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