Paytm Q4 Results: दिग्गज फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) का शुद्ध घाटा वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में कम होकर 168 करोड़ रुपये पर आ गया। जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का घाटा 763 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी ने शुक्रवार 5 मई को मार्च तिमाही के नतीजे जारी करते हुए यह जानकारी दी। पेटीएम ने बताया कि मार्च तिमाही में उसका रेवेन्यू 52 फीसदी बढ़कर 2,335 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,540.9 करोड़ रुपये रहा था।
Paytm ने बताया कि मार्च तिमाही में उसकी पेमेंट सर्विस सेगमेंट का रेवेन्यू 41 फीसदी बढ़कर 1,467 करोड़ रुपये रहा। अगर इसमें से सरकार की ओर से पिछली तिमाहियों के UPI प्रोत्साहन को निकाल दें तो, पेमेंट्स सेगमेंट के रेवेन्यू में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी ने बताया कि उसके पेमेंट्स सेगमेंट का मुनाफा बेहतर हुआ है। मार्च तिमाही में नेट पेमेंट मार्जिन सालाना आधार पर 158 फीसदी बढ़कर 687 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली तिमाहियों के UPI प्रोत्साहन को निकालकर नेट पेमेंट्स मार्जिन 107 फीसदी बढ़कर 554 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का नेट पेमेंट्स मार्जिन 2.9 गुना बढ़कर 1,970 करोड़ रुपये रहा।
पेटीएम की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) मार्च तिमाही में 40 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी के डिवाइस सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में बढ़ोतरी मार्च तिमाही में भी जारी रही। मार्च तिमाही के अंत में करीब 68 लाख दुकानदारों ने पेटीएम के डिवाइस का सब्सक्रिप्शन लिया था, जबकि एक साल पहले मार्च 2022 में यह आंकड़ा 29 लाख था।
पेटीएम के क्रेडिट बिजनेस में भी मार्च तिमाही में अच्छी ग्रोथ देखी गई। कंपनी ने बताया कि उसने मार्च तिमाही के दौरान कुल 1.2 करोड़ लोन (सालाना आधार पर 82 फीसदी अधिक) बांटे और इसके तहत दी गई राशि की कुल वैल्यू 12,554 करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 253 फीसदी अधिक) रहा।
इस बीच पेटीएम के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 3.06% की तेजी के साथ 691.40 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 7.06% की तेजी आई है। वहीं पिछले एक साल में इसके शेयरों का भाव करीब 21.73% बढ़ा है।