Paytm फाउंडर विजय शेखर शर्मा इस हस्ती को मानते हैं 'इंडियन बैंकिंग का सच्चा लेजेंड', बुलाते हैं 'भारत का जेमी डिमन'

शर्मा का यह रिएक्शन उदय कोटक के बेटे जय कोटक की, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डाली गई एक पोस्ट पर आया है। जय कोटक ने अपनी पोस्ट में उदय कोटक के लिए साल 1997 में छपे एक आर्टिकल को शेयर किया है। उदय कोटक ने 1985 में एक फाइनेंस फर्म शुरू की थी और बाद में 2003 में इसे एक बैंक में बदल दिया। कोटक ने सितंबर 2023 तक CEO और MD के रूप में बैंक की अगुवाई की

अपडेटेड Dec 25, 2023 पर 4:42 PM
विजय शेखर शर्मा का कहना है कि अगर उन्होंने पेटीएम लॉन्च नहीं किया होता, तो इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ा कारोबार शुरू किया होता।

फिनटेक फर्म पेटीएम (Paytm) के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) ने कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक की तुलना बैंकिंग दिग्गज जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमन से की है। शर्मा का यह रिएक्शन उदय कोटक के बेटे जय कोटक की, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डाली गई एक पोस्ट पर आया है। जय कोटक ने अपनी पोस्ट में उदय कोटक के लिए साल 1997 में छपे एक आर्टिकल को शेयर किया है। इस आर्टिकल में उदय कोटक की प्रतिभा और उनके बिजनेस स्किल्स के बारे में बात की गई थी। इस पुराने आर्टिकल को शेयर करते हुए जय कोटक ने लिखा है, 'कोटक का इतिहास और विरासत; लोगों, मूल्यों और आकांक्षाओं की कहानी...'

जय कोटक की पोस्ट को शेयर करते हुए, शर्मा ने एक्स पर लिखा, "मैं प्यार से सर (उदय कोटक) को भारत का हमारा जेमी डिमन कहता हूं। इंडियन बैंकिंग के सच्चे लेजेंड।"


जेमी डिमन, JPMorgan Chase & Co. के चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उन्हें जनवरी 2006 में सीईओ बनाया गया था और एक साल बाद वह चेयरमैन भी बन गए। जुलाई 2004 में बैंक वन कॉरपोरेशन के साथ JPMorgan के विलय के बाद डिमन को प्रेसिडेंट और सीओओ नामित किया गया था। वह बैंक वन के साथ चेयरमैन व सीईओ के तौर पर साल 2000 में जुड़े थे। उन्हें अमेरिकी अरबपति बिजनेस एग्जीक्यूटिव और बैंकर के तौर पर जाना जाता है।

कोटक ने फाइनेंस फर्म को बैंक में किया तब्दील

1980 के दशक की शुरुआत में, जब भारत एक बंद अर्थव्यवस्था था और आर्थिक विकास मंद था, उदय कोटक ने एक मल्टीनेशनल कंपनी में आकर्षक नौकरी करने के बजाय अपने दम पर खुद को स्थापित करने का फैसला किया। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा करते हुए उन्होंने अपने परिवार के ट्रेडिंग बिजनेस को छोड़ दिया। उदय कोटक ने 1985 में एक फाइनेंस फर्म शुरू की और बाद में 2003 में इसे एक बैंक में बदल दिया। कोटक महिंद्रा बैंक अब निजी क्षेत्र में भारत के शीर्ष चार बैंकों में से एक है। कोटक ने सितंबर 2023 तक सीईओ और एमडी के रूप में बैंक की अगुवाई की। सितंबर में उन्होंने अपने रिटायरमेंट से चार महीने पहले ही पद छोड़ दिया। वह अब बैंक के बोर्ड में एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।

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