Paytm में गई 1000 से ज्यादा लोगों की नौकरी, कॉस्ट कटिंग के नाम पर दिखाया बाहर का रास्ता

कहा जा रहा है कि Paytm में हुई छंटनी, इस साल किसी भारतीय न्यू एज टेक फर्म की ओर से की गई सबसे बड़ी छंटनियों में से एक है। इस कदम से कर्मचारियों की कुल संख्या का कम से कम 10% प्रभावित होने का अनुमान है। छंटनी विभिन्न यूनिट्स में की गई है।

अपडेटेड Dec 25, 2023 पर 10:02 PM
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इस साल सबसे ज्यादा नौकरियां स्टार्टअप्स में गई हैं.

Paytm की पेरेंट कंपनी One 97 Communications ने 1000 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छंटनी विभिन्न यूनिट्स में की गई है। कंपनी ने अपने कारोबारों को रिअलाइन किया है। इसके चलते यह कॉस्ट कटिंग कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह छंटनी पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई है। इस कदम से कर्मचारियों की कुल संख्या का कम से कम 10% प्रभावित होने का अनुमान है। RBI की ओर से असुरक्षित ऋणों पर नियामकीय सख्ती के बाद, पेटीएम द्वारा छोटे-साइज के कंज्यूमर लोन्स में कमी लाने और 'बाय नाउ पे लेटर' सेगमेंट से हटने के बाद यह कदम उठाया गया है।

कहा जा रहा है कि पेटीएम में हुई छंटनी, इस साल किसी भारतीय न्यू एज टेक फर्म की ओर से की गई सबसे बड़ी छंटनियों में से एक है। इस साल सबसे ज्यादा नौकरियां स्टार्टअप्स में गई हैं, जिन्होंने फंडिंग की कमी, कारोबार की रि​स्ट्रक्चरिंग, कॉस्ट कटिंग के चलते हजारों लोगों को नौकरी से निकाला।

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ईटी की रिपोर्ट में सर्च फर्म लॉन्गहाउस कंसल्टिंग के हवाले से आंकड़े दिए गए हैं कि न्यू एज कंपनियों ने 2023 की पहली तीन तिमाहियों में 28,000 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने 2022 में 20,000 से अधिक कर्मचारियों और 2021 में 4,080 से अधिक कर्मचारियों को निकाला था।

बड़े साइज के लोन्स पर करेगी फोकस

पेटीएम कई तरह के लोन देती है। इसमें पर्सनल लोन से लेकर मर्चेंट लोन और पेटीएम पोस्टपेड शामिल हैं। पेटीएम ने बीते 6 दिसंबर को एनालिस्ट्स के साथ एक बैठक में कहा था कि वह छोटे साइज के पोस्टपेड लोन में अपनी उपस्थिति को कम करेगी। इसकी जगह कंपनी अब अधिक टिकट-साइज वाले लोन सेगमेंट पर फोकस करेगी। इन लोन का साइज 3 से 7 लाख रुपये के बीच रहने वाला है। पेटीएम पोस्टपेड के तहत कंपनी 50,000 रुपये से कम के लोन देती है। इस रणनीतिक बदलाव के बाद कई एनालिस्ट्स ने पेटीएम के शेयरों की रेटिंग घटाई है या उसके टारगेट प्राइस में कटौती की है।

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