अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर पर्सनल लोन काफी फायदेमंद ऑप्शन साबित हो सकता है. मेडिकल इमरजेंसी, बड़े खर्च या पुराने कर्ज चुकाने सहित तमाम कामों के लिए पर्सनल लोन बड़ी राहत प्रदान कर सकता है. ज्यादातर पर्सनल लोन अमॉर्टाइज्ड होते हैं, यानी आप इन्हें हर महीने एक तय EMI के जरिए चुकाते हैं. इस EMI में ब्याज और प्रिंसिपल दोनों शामिल होते हैं. शुरुआत में आपकी पेमेंट का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, लेकिन धीरे-धीरे इसका ज्यादातर हिस्सा आपके असली लोन को कम करने में लगता है. इसमें ये पहले से तय होता है कि हर महीने कितना पैसा चुकाना पड़ेगा, जिससे रीपेमेंट प्लान बनाना आसान हो जाता है. इसलिए पर्सनल लेते समय ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट चार्ज को ध्यान से देखें.
अमॉर्टाइज्ड लोन एक ऐसा लोन होता है, जिसे तय समय में एक-जैसी मंथली EMIs में चुकाया जाता है. हर EMI में ब्याज और प्रिंसिपल दोनों शामिल होते हैं. शुरुआत में ज्यादातर पैसा ब्याज चुकाने में जाता है और बाद में धीरे-धीरे ज्यादातर हिस्सा लोन के प्रिंसिपल को चुकाने में लगने लगता है. यह स्ट्रक्चर आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को आसान बनाता है क्योंकि आप हर महीने कितना चुकाएंगे, ये पहले से तय होता है. होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन इसके आम उदाहरण हैं.
पर्सनल लोन के अमॉर्टाइजेशन प्रोसेस में हर महीने एक फिक्स EMI देनी होती है, जो ब्याज और प्रिंसिपल दोनों को कवर करती है. जब आप लोन लेते हैं, तो कुल अमाउंट को अमॉर्टाइजेशन शेड्यूल के जरिए बराबर EMIs में बांटा जाता है. शुरुआत में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है और छोटा हिस्सा लोन अमाउंट को घटाता है. जैसे-जैसे आप समय पर EMIs चुकाते हैं, ब्याज घटता जाता है और आपकी EMI का बड़ा हिस्सा प्रिंसिपल को चुकाने में लगने लगता है. इस तरह, लोन तय समय में पूरा रिपेमेंट हो जाता है और हर महीने का पेमेंट अमाउंट भी आपको पता होता है.
इसे एक आसान उदाहरण से समझें: मान लें आपने किसी दोस्त से एक बड़ा चॉकलेट बॉक्स उधार लिया और वादा किया कि हर महीने थोड़ा-थोड़ा वापस कर देंगे. लेकिन आपके दोस्त ने कहा कि उसके बदले कुछ एक्स्ट्रा चॉकलेट भी देने होंगे, एक तरह से “थैंक यू” के लिए.
शुरुआत में आप ज्यादातर एक्स्ट्रा चॉकलेट (ब्याज) लौटाते हैं और असल में ली गईं चॉकलेट (प्रिंसिपल) कुछ ही लौटाते हैं. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, आप ज्यादातर असल में ली गईं चॉकलेट लौटाने लगते हैं और एक्स्ट्रा कम देने लगते हैं. आखिर में आप पूरा उधार चुकता कर देते हैं. इसी तरह अमॉर्टाइज्ड लोन भी काम करता है.
पर्सनल लोन अमॉर्टाइजेशन को समझना आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है. फिक्स EMI के साथ आप अपना बजट अच्छे से मैनेज कर सकते हैं और धीरे-धीरे अपना लोन चुका सकते हैं.
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