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पर्सनल लोन चाहिए? e-KYC का पेपरलेस तरीका देगा आसान और इंस्टेंट अप्रूवल

e-KYC ने पर्सनल लोन एप्लिकेशन प्रोसेस को पूरी तरह बदल दिया है. आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन, PAN चेक और वीडियो KYC से अब लोन अप्रूवल चंद मिनटों में संभव हो गया है. इसमें किसी भी तरह का फिजिकल पेपरवर्क नहीं होता.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 6:25 PM
पर्सनल लोन चाहिए? e-KYC का पेपरलेस तरीका देगा आसान और इंस्टेंट अप्रूवल
Ekyc

पर्सनल लोन अचानक से आए खर्चों को पूरा करने में कई बार मददगार साबित होता है. चाहे मेडिकल इमरजेंसी हो या घर का रेनोवेशन, पर्सनल लोन के जरिए आप तुरंत फंड जुटा सकते हैं. भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेंडिंग सेक्टर के चलते अब पर्सनल लोन लेना बेहद आसान हो गया है. अब आप अपने स्मार्टफोन से पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं और कुछ ही घंटों में पैसे आपके बैंक अकाउंट में आ जाते हैं. कई इंस्टेंट लोन ऐप्स तो कुछ ही मिनटों में लोन अप्रूव और डिस्बर्स कर देती हैं. 

इन डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर डॉक्युमेंट्स की जांच पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होती है, जिसे e-KYC प्रोसेस कहते हैं. इस टेक्नोलॉजी-बेस्ड प्रोसेस में ID और एड्रेस प्रूफ के इंस्टेंट वेरिफिकेशन के साथ-साथ लोन प्रोसेसिंग का समय भी काफी कम हो जाता है.

e-KYC क्या है?

'नो योर कस्टमर' यानी KYC बैंकों और NBFCs की तरफ से अपने ग्राहकों की पहचान वेरीफाई करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला एक जरुरी प्रोसेस है. जब यह प्रोसेस पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जाता है, तो इसे e-KYC कहते हैं. इस प्रोसेस में ग्राहक की बेसिक पर्सनल डिटेल्स जैसे - नाम, एड्रेस, जन्म तिथि और ID डॉक्यूमेंट (जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) जुटाई जाती है. 

KYC का मकसद धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए फंडिंग को रोकना है. बैंक, ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर और कई सरकारी एजेंसियां भी इस प्रोसेस को अपनाती हैं.

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