रूस का सस्ता क्रूड प्राइवेट रिफाइनिंग कंपनियों के लिए वरदान बन गया है। उधर, सरकारी रिफानिंग कंपनियां दबाव में है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और नायरा (Nayara) रूस से सस्ता तेल खरीदने में सबसे आगे हैं। दोनों ने सस्ते भाव पर क्रूड खरीदा है और रिफानिंग के बाद महंगे भाव पर एक्सपोर्ट किया है। इस तरह उन्होंने खूब मुनाफा कमाया है।
