Razorpay ने इस बात की पुष्टि की है कि उसे RBI से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए एप्रूवल मिल गया है। कंपनी ने इसकी पुष्टि सोमवार (1 जुलाई) को की। पिछले हफ्ते मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि केंद्रीय बैंक ने Razorpay सहित तीन कंपनियों को पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे सेवाओं के लिए लाइसेंस देने के वास्ते इन-प्रिंसिपल एप्रूवल दे दिया है।
मनीकंट्रोल ने बताया था कि रेजरपे के अलावा Pine Labs ओर अमेरिकन पेमेंट कंपनी Stripe को सबसे पहले लाइसेस के लिए एप्रूवल मिल गया है। इनके अलावा फिनटेक स्टार्टअप 1Pay Mobileware को भी लाइसेंस के लिए एप्रूवल 8 जुलाई को मिल गया था।
Razorpay के सीईओ और को-फाउंडर हर्षिल माथुर ने कहा, "हम पमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिलने से बहुत खुश हैं। इससे नई चीजें शुरू करने के हमारे संकल्प को और मजबूती मिली है।"
RBI ने मार्च 2020 में नई गाइडलाइंस जारी की थी। इसमें कहा गया था कि सभी Payment Aggregators को RBI अथॉराइज करेगा। Payment Aggregator की सेवाएं देने वाली नॉन-बैंक कंपनियों को अथॉराइजेशन के लिए 30 जून, 2021 तक अप्लाई करना था। बाद में यह समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 कर दी गई थी।
केंद्रीय बैंक ने पेमेंट एग्रीगेटर्स से मिले अप्लिकेशंस की जांच के बाद लाइसेंस देने का फैसला लिया है। Razorpay, Stripe, BillDesk, PayU, Cashfree जैसी पेमेंट गेटवे कंपनियों को अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए RBI से लाइसेंस हासिल करना जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, PhonePe, BharatPe, Cred, Tata Group, Amazon, Reliance Industries और Zomato ने भी लाइसेंस के लिए RBI के पास अप्लाई किया था।
पेमेंट गेटवे का लाइसेंस नहीं होने पर ई-कॉमर्स और ऐसी दूसरी कंपनियों को बैंक से समझौता करना पड़ता है। बैंक इन कंपिनियों की तरफ से पेमेंट एग्रीगेट करता है। इससे पेमेंट कलेक्शन सर्विस की कॉस्ट बढ़ जाती है। दूसरा ऑप्शन यह है कि वे (ईकॉमर्स कंपनियां) पेमेंट एग्रीगेटर की सेवाएं ले सकती हैं। दरअसल पेमेंट एग्रीगेटर का काम मर्चेंट और ई-कॉमर्स कंपनियों को पेमेंट सर्विसेज देना है।
पेमेंट एग्रीगेटर का मतलब क्या है?
पेमेंट एग्रीगेटर ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए कस्टमर से पेमेंट एक्सेप्ट करता है। फिर इस तरह से हासिल पूरे अमाउंट को पूल (इकट्ठा) करता है। फिर, निश्चित समय के बाद उसे ई-कॉमर्स कंपनियों या मर्चेंट्स (दुकानदार) को ट्रांसफर कर देता है।
पेमेंट गेटवे का मतलब क्या है?
दूसरी तरफ, पेमेंट गेटवे बिजनेसेज (दुकानदार, मर्चेंट्स) को सिर्फ ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग के लिए टेक्नोलॉजी सर्विसेज देता है। फंड के हैंडलिंग में उसका कोई हाथ नहीं होता है।