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RBI Policy: रेपो रेट में 0.25% की कटौती, मंहगाई घटने का संकेत... जानें RBI गवर्नर के भाषण की 10 बड़ी बातें

RBI Repo Rate News Live: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने बुधवार 9 अप्रैल में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आरबीआई की 6-सदस्यीय मॉनिटरी पॉसिली कमेटी (MPC) ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। यह लगातार दूसरी बार है जब RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है। RBI गवर्नर ने अपने भाषण में इसके अलावा और 10 बड़े ऐलान क्या किए, आइए जानते हैं-

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 09, 2025 पर 11:52 AM
RBI Policy: रेपो रेट में 0.25% की कटौती, मंहगाई घटने का संकेत... जानें RBI गवर्नर के भाषण की 10 बड़ी बातें
RBI Repo Rate Cut: आरबीआई ने इस साल लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है।

RBI Repo Rate Cut, MPC Meet Highlights: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने बुधवार 9 अप्रैल में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आरबीआई की 6-सदस्यीय मॉनिटरी पॉसिली कमेटी (MPC) ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। यह लगातार दूसरी बार है जब RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है। RBI गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, जिससे पॉलिसी बनाने में चुनौतियां आ रही हैं। इसके अलावा उन्होंने महंगाई दर, जीडीपी को लेकर भी कई ऐलान किए। जानें उनके भाषण की 10 बड़ी बातें-

1. रेपो रेट में लगातार दूसरी कटौती

आरबीआई की 6-सदस्यीय मॉनिटरी पॉसिली कमेटी (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 6.25% से घटाकर 6% करने का फैसला लिया। इस साल लगातार दूसरी बार आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला किया है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी उसने रेपो रेट को 0.25 फीसदी घटाया था। रेपो रेट में कटौती से आम आदमी के लिए कर्ज सस्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है। खासतौर से होम लोन के सस्ते होने की उम्मीद लगाई जा रही है।

2. आरबीआई ने अपना नीतिगत रुख बदलकर 'उदार' किया

गवर्नर मल्होत्रा ने ऐलान किया कि एमपीसी ने अपनी नीति के रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'उदार' (Accommodative) कर दिया है। यह संकेत देता है कि भविष्य में और राहत के कदम उठाए जा सकते हैं। जब विकास दर सुस्त होती है और महंगाई काबू में होती है तो RBI इस रूख को अपनाता है।

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