RCap Bidding: रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसे कंपनी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) के लिए एक बार फिर बोली लगेगी। रिलायंस कैपिटल के लेंडर्स की याचिका पर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने इसकी दोबारा बिडिंग की मंजूरी दे दी है। भारी कर्ज से जूझ रही रिलायंस कैपिटल दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही है। रिलायंस कैपिटल पर 40 हजार करोड़ रुपये का कंसालिडेटेड कर्ज है। एनसीएलएटी को दो जजों की पीठ ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि क्रेडिटर्स कमटेी के पास अधिक बिड हासिल करने का हक है। अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) को चैलेंज मैकेनिज्म को जारी रखने और दो हफ्ते बाद बोलियां मंगाने की मंजूरी दी है।
RCap Bidding: NCLAT में कैसे पहुंचा मामला
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को कर्ज देने वाली कंपनी विस्तारा आईटीसीएल (इंडिया) एनसीएलटी के फैसले के खिलाफ एनसीएलएटी में याचिका दायर किया था। एनसीएलटी ने रिलायंस कैपिटल के फिर से नीलामी करने पर रोक लगा दिया था। रिलायंस कैपिटल के लिए सबसे बड़ी बोली टोरेंट इंवेस्टमेंट्स ने लगाई थी। इसने 8640 करोड़ रुपये का रिजॉल्यूशन प्लान पेश किया था।
हालांकि क्रेडिटर्स कमेटी ने दूसरा चैलेंज मैकेनिज्म शुरू करने का फैसला किया और तब हिंदुजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने अपनी बोली में बदलाव कर फिर पेश किया। टोरेंट इंवेस्टमेंट्स इसे लेकर एनसीएलटी की मुंबई बेंच में पहुंच गई और फिर एनसीएलटी के फैसले के खिलाफ विस्तारा आईटीसीएल एनसीएलएटी पहुंच गई। IIHL ने भी एनसीएलटी के फैसले को चुनौती दी है।
RCap Bidding: NCLT में क्या हुआ
एनसीएलटी ने 2 फरवरी को कहा था कि रिलायंस कैपिटल की फाइनेंशियल बिड्स को लेकर चैलेंज मैकेनिज्म 21 दिसंबर 2022 को पूरा हो गया था। इसमें सबसे बड़ी बोली टोरेंट इंवेस्टमेंट्स ने लगाई थी। एनसीएलटी में यह मामला टोरेंट इंवेस्टमेंट्स ही लेकर पहुंची थी जब क्रेडिटर्स कमेटी ने आरकैप की फिर से बोली लगाने का फैसला किया था।