सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) को समय पर भुगतान के लिए इनकम टैक्स का नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत कंपनियां अगर वस्तुओं और सेवाओं की सप्लाई (goods and services supply) के लिए MSME को 45 दिनों में भुगतान नहीं करती हैं, तो वे भुगतान पर टैक्स कटौती का दावा नहीं कर सकेंगी यानी उन्हें ज्यादा टैक्स का भुगतान करना होगा।
