SEBI in Action: पूंजी बाजार नियामक SEBI ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को सिक्योरिटीज मार्केट से 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा चोकसी पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सेबी ने यह कार्रवाई गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) के शेयरों की गलत तरीके से ट्रेडिंग को लेकर किया है। सेबी ने आज 31 अक्टूबर को इससे जुड़ा आदेश जारी किया है।
सेबी के आदेश के मुताबिक चोकसी को 45 दिन के भीतर जुर्माना भरना है। चोकसी गीतांजलि जेम्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक होने के साथ कंपनी के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा था। इस साल फरवरी में सेबी ने गीतांजलि जेम्स के मामले में इनसाइडर ट्रेडिंग के नियमों के उल्लंघन के चलते चोकसी पर सिक्योरिटीज मार्केट से एक साल का प्रतिबंध और 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
गीतांजलि जेम्स के शेयरों में गलत तरीके से ट्रेडिंग की जांच प्रक्रिया के तहत सेबी ने मई 2022 में चोकसी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी कार्रवाई के तहत चोकसी के ऊपर प्रतिबंध और जुर्माना लगाया गया है।
सेबी ने जुलाई 2011 से जनवरी 2012 के दौरान गीतांजलि जेम्स के शेयरों की ट्रेडिंग एक्टिविटीज की जांच की थी। सेबी के मुताबिक चोकसी ने 15 ऐसी फ्रंट एंटिटीज की फंडिंग की थी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से उससे या एक-दूसरे से जुड़ी थीं और उन्होंने जुलाई 2011 से जनवरी 2012 के बीच कैश और डेरिवेटिव सेग्मेंट्स में गीतांजलि जेम्स के शेयरों की खरीदारी की थी।
चोकसी ने कंपनी के शेयरों में मैनिपुलेशन के लिए फ्रंट एंटिटीज का इस्तेमाल किया। सेबी ने पाया कि कंपनी ने फ्रंट एंटिटीज को 77.44 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जिसमें से 13.34 करोड़ रुपये फ्रंट एंटिटीज ने गीतांजलि के शेयरों की ट्रेडिंग के लिए किया।
सेबी की जांच के मुताबिक जांच अवधि से ठीक पहले जून 2011 तिमाही के आखिरी में आम निवेशकों के लिए गीतांजलि के 28.96 फीसदी शेयर उपलब्ध थे जो सितंबर 2011 तिमाही में घटकर 19.71 फीसदी रह गया। फिर जांच अवधि के बाद फिर से आम निवेशकों के लिए 25.36 फीसदी शेयर उपलब्ध हो गए। इससे संकेत मिलते हैं कि चोकसी ने फ्रंट एंटिटीज के जरिए पहले बाजार में शेयरों की किल्लत की और फिर उसका प्रवाह बढ़ा दिया।
चोकसी के ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े का आरोप है। 2018 की शुरुआत में यह मामला सामने आते ही दोनों देश छोड़कर भाग गए। मोदी एक ब्रिटिश जेल में बंद है और उसने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को चुनौती दी है। वहीं दूसरी तरफ माना जा रहा कि चोकसी एंटीगुआ और बारबूडा में है।