लोन एक ऐसा फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है, जिसके जरिए कोई व्यक्ति या बिजनेस किसी भी जरूरत के लिए पैसे उधार ले सकता है. इनमें घर खरीदना, पढ़ाई का खर्च उठाना और बिजनेस ग्रोथ जैसी जरूरतें शामिल हैं. इसमें उधार लेने वाला पूरा पैसा एक-साथ चुकाने के बजाय तय EMIs में धीरे-धीरे (ब्याज सहित) चुकाता है.
भले ही लोन से फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है, लेकिन इसे लेने से पहले उसकी शर्तों, ब्याज दरों और रिपेमेंट की समय-सीमा को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है ताकि बाद में कोई परेशानी न हो.
लोन को मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा गया है, जिनमें सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन शामिल हैं. फर्क बस इतना है कि सिक्योर्ड लोन के लिए आपको कोई एसेट गिरवी रखना पड़ता है.
सिक्योर्ड लोन वह लोन होता है, जिसमें उधार लेने के लिए कोई संपत्ति या एसेट (जैसे कि घर, गाड़ी या नकद राशि) गिरवी रखनी होती है.
जब लोन अमाउंट ज्यादा हो या आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर हो, तो बैंक या NBFC गारंटी के तौर पर कोई एसेट मांगते हैं. ऐसा करने से उनका रिस्क कम होता है और इसलिए वे ऐसे लोन सस्ती ब्याज दर पर देते हैं. दूसरी ओर, खराब क्रेडिट स्कोर के मामले में पर्सनल लोन पर ब्याज दर ज्यादा होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. दरअसल, पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड कैटेगरी में आता है.
आजकल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मदद से लोन लेना काफी आसान हो गया है. उदाहरण के तौर पर, आप मनीकंट्रोल की वेबसाइट या ऐप पर जाकर अलग-अलग बैंकों के पर्सनल लोन ऑफर देख सकते हैं. यहां ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और आप 50 लाख रुपए तक का लोन पूरी तरह डिजिटल तरीके से पा सकते हैं.
हालांकि, डॉक्यूमेंट का क्राइटेरिया अलग-अलग लेंडर के हिसाब से अलग हो सकता है.
सिक्योर्ड लोन, अनसिक्योर्ड लोन के मुकाबले सस्ती ब्याज दर पर मिलते हैं. अगर आपके पास गिरवी रखने के लिए कोई एसेट है, तो ये एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना जरूर करें.
मनीकंट्रोल पर आप 8 अलग-अलग लेंडर्स के 50 लाख रुपए तक के इंस्टेंट पर्सनल लोन ऑफर देख सकते हैं. इन पर ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और एप्लीकेशन प्रोसेस भी पूरी तरह डिजिटल है.