पर्सनल लोन आपके अचानक सामने आए खर्चों में कभी भी मदद कर सकता है. चाहे घर की मरम्मत हो या मेडिकल इमरजेंसी, पर्सनल लोन हर जरुरत में सहारा बन सकता है. आप पुराने कर्ज निपटाने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
पर्सनल लोन आपके अचानक सामने आए खर्चों में कभी भी मदद कर सकता है. चाहे घर की मरम्मत हो या मेडिकल इमरजेंसी, पर्सनल लोन हर जरुरत में सहारा बन सकता है. आप पुराने कर्ज निपटाने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
पर्सनल लोन आमतौर पर अनसिक्योर्ड होते हैं, यानी इनमें किसी भी तरह का एसेट या प्रॉपर्टी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती. ऐसे लोन मुख्य रूप से आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर और रिपेमेंट क्षमता के आधार पर दिए जाते हैं. हालांकि ये लोन फ्लेक्सिबिलिटी के साथ इंस्टेंट फंड मुहैया कराते हैं, लेकिन फिर भी इन पर लगने वाली ब्याज दरों, रिपेमेंट शर्तों और संबंधित फीस को समझना बहुत जरूरी है.
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें आपको किसी भी तरह का एसेट गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती. ज्यादातर लेंडर्स पर्सनल लोन को दो मुख्य चीजों के आधार पर अप्रूव करते हैं. इनमें आपकी क्रेडिट प्रोफाइल इनकम शामिल है.
यह लोन सस्ता या महंगा हो सकता है और इन फैक्टर पर निर्भर करता है:
अगर आप भी सस्ता पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो कम ब्याज दर और कम-से कम प्रोसेसिंग या प्रीपेमेंट फीस वाले ऑप्शंस चुनें.
आपका क्रेडिट स्कोर यह तय करता है कि आपको किस ब्याज दर पर लोन मिलेगा. 750 या इससे ऊपर का स्कोर यह दर्शाता है कि आप एक जिम्मेदार बॉरोअर हैं, जिससे सस्ती ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें?
अलग-अलग लेंडर्स के ऑफर की तुलना करें
अलग-अलग बैंकों, NBFCs और डिजिटल लेंडर्स की ब्याज दरें और शर्तें अलग होती हैं. पहली बार में ही ऑफर फाइनल न करें, बल्कि सभी ऑप्शंस की तुलना करें.
ब्याज दर, लोन पर होने वाले कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती है. इसलिए, सबसे किफायती दर चुनें और प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और हिडेन चार्ज भी चेक करें.
मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप 50 लाख रुपए तक के लोन ऑफर्स की तुलना कर सकते हैं. यहां ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और एप्लीकेशन प्रोसेस भी पूरी तरह डिजिटल है.
छोटी लोन अवधि चुनें
लंबी लोन अवधि से EMI कम जरूर होती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा चुकाना पड़ता है. छोटी टेन्योर से ब्याज में बचत होती है और लोन सस्ता पड़ता है. इसमें EMI थोड़ी ज्यादा बनेगी, लेकिन कुल ब्याज में अच्छी खासी बचत होगी.
स्पेशल ऑफर्स और छूट पर नजर रखें
त्योहारी सीजन में, पुराने ग्राहकों को या किसी कंपनी से जुड़े होने पर कई बैंक और NBFC खास ऑफर देते हैं.
प्री-अप्रूव्ड लोन ऑफर पर विचार करें
अगर आपने बैंक से पहले लिया कोई लोन समय पर चुकाया है, तो वो आपको प्री-अप्रूव्ड लोन ऑफर कर सकते हैं. इन ऑफर्स में ये फीचर हो सकते हैं:
गैर-जरुरी ऐड-ऑन और फीस से बचें
लेंडर्स कभी-कभी पर्सनल लोन के साथ इंश्योरेंस बेचने की कोशिश करते हैं, जिससे आपका खर्च बढ़ जाता है.
FD या अन्य एसेट के बदले लोन लें
अगर आपके पास फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), गोल्ड या शेयर्स जैसे एसेट हैं, तो आप इनके बदले सिक्योर्ड लोन ले सकते हैं. इसमें ये फीचर मिल सकते हैं:
इससे आपकी सेविंग्स भी सुरक्षित रहती हैं और ज्यादा फंड भी मिल सकता है.
लेंडर से ब्याज दर पर मोलभाव करें
अगर आपका बैंक के साथ पुराना संबंध है, क्रेडिट स्कोर अच्छा है, या पहले का लोन समय से चुकाया है, तो ब्याज दर कम करवाने की कोशिश जरूर करें.
बैलेंस ट्रांसफर से ब्याज घटाएं
अगर आपके पुराने लोन पर ब्याज दर ज्यादा है, तो आप उसे किसी दूसरे लेंडर के पास ट्रांसफर कर सकते हैं जहां ब्याज कम हो. इसे बैलेंस ट्रांसफर कहते हैं और इसमें:
बैलेंस ट्रांसफर से पहले प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज जरूर चेक करें.
मनीकंट्रोल की टॉप लेंडर्स के साथ पार्टनरशिप है, जिनसे आप सबसे किफायती पर्सनल लोन ले सकते हैं. यहां आप अपना क्रेडिट स्कोर भी मुफ्त में चेक कर सकते हैं और 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं. इन पर ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और पूरा प्रोसेस डिजिटल है.
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।